लेख

सम्मान वाला गुलाब – डॉ. रीना रवि मालपानी

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 लघुकथा             पता नहीं पर आज कैसे चन्द्रशेखर ने ऊमा को गुलाब का फूल देने का सोचा और यह गुलाब सम्मान के भाव से समाहित...

करें जीवन सरिता में शिवधारा का प्रवाह”- रीना रवि मालपानी

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*“करें जीवन सरिता में शिवधारा का प्रवाह”* भोलेनाथ को सभी देवताओं ने महादेव की संज्ञा दी है। शिव का श्रंगार, त्याग, ध्यान की उत्कृष्ट पराकाष्ठा...

अंजनीपुत्र का अनुकरणीय चरित्र-डॉ. रीना रवि मालपानी

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*“अंजनीपुत्र का अनुकरणीय चरित्र”* यदि हम रामायण में रामदूत भक्तशिरोमणि हनुमान के चरित्र की सबसे अनुकरणीय विशेषता पर ध्यान केन्द्रित करें तो हम पाएंगे की...

उमंगों की उड़ान – डॉ. रीना रवि मालपानी

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लघुकथा जानकी गोपाल की परवरिश को लेकर बहुत चिंतित थी। बहुत सारी समस्याओं से घिरे होने के कारण वह हर समय गोपाल के बारे में...

गरीबों का अमीर दिल – डॉ. रीना रवि मालपानी

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लघुकथा पार्वती अक्सर अपने पुत्र कान्हा के साथ ईधर-उधर घूमने जाया करती थी। बच्चा खेलते-खेलते जिस घर रुक गया बस उसे भी वहीं रुकना होता...

मेहनतकश मजदूर की तस्वीर” _   डॉ. रीना रवि मालपानी

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मेहनतकश मजदूर की तस्वीर” मजदूर की तस्वीर होती मेहनत और हौसलों की उड़ान से भरी। वैसे तो हर व्यक्ति की आवश्यकताओं की है अपनी-अपनी कटघरी॥ रोटी की...

भक्ति की शक्ति का प्रभाव” -डॉ. रीना रवि मालपानी

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   कहते है ईश्वर प्रत्येक आडंबर से दूर केवल भक्त के अधीन होते है। यही भगवान जब भक्त किसी विकट परिस्थिति में होता है...

*पुस्तकों की सेवा के लिए पुस्तक सेवी सम्मान से सम्मानित हुए ग्रंथपाल

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  इन्दौर। विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय श्री अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आयोजित पुस्तक सेवी सम्मान समारोह में शहर...

मन के सेनापति बनें -डॉ. रीना रवि मालपानी

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लघुकथा राधा प्रारम्भ से ही विदुषी प्रवर महिला थी। उसके जीवन के अपने आदर्श, सपनें और उड़ान थी। ज़्यादातर समय जहाँ लोग मौन रखकर हाँ...

वर्तमान की कराह – डॉ. रीना रवि मालपानी

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लघुकथा  राधा के मस्तिष्क में कई समय से विचारों का कोलाहल हो रहा था। कुछ समय पहले एक अनोखे परिवार के संपर्क में आई। वह...

मेरा अस्तित्व और वजूद दूसरे तय न करें – डॉ. रीना रवि मालपानी

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*सदैव ही महिला को अनेक कसौटियों पर तौला जाता है। बेटी, बहू, माँ, सास, दादी, नानी इन सब किरदारों को जीते-जीते स्वयं के लिए...

युद्ध शब्द का विश्लेषण” – डॉ. रीना रवि मालपानी

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*“युद्ध शब्द का विश्लेषण”* कितना अनोखा शब्द है युद्ध जो शक्ति की प्रधानता की लड़ाई रचता है। अधर्म के तांडव का मैदान का गढ़ता है।...

शिवरात्रि में करवाए बच्चों से शिव का आह्वान

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  शिव ईश्वर का सत्यम-शिवम-सुंदरम रूप है। शिव वो है जो सहजता एवं सरलता से सुशोभित होते है। वे ऐसे ध्यानमग्न योगीश्वर है जो नीलकंठ...

वैवाहिक वर्षगाँठ का संवाद –डॉ. रीना रवि मालपानी

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लघुकथा आज वही दिन है जिसमें राधा और केशव परिणय बंधन में बंधे थे। जिंदगी कितने सारे परिवर्तनों की यात्रा से गुजरती रहती है। हर...

वेलेंटाइन गिफ्ट : मेरा आत्मसम्मान – डॉ. रीना रवि मालपानी

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लघुकथा राधा और केशव परिणय बंधन में बंध गए। इससे पूर्व राधा और केशव की जिंदगी अनेकों मोड़ से गुजरी। केशव ने अपनी नौकरी की...

मेरी ख़्वाहिशों की लिस्ट में तुम – डॉ. रीना रवि मालपानी

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  कहते है दाम्पत्य जीवन से गहरा कोई बंधन नहीं होता। प्रेम से शुरू होकर करुणा की यात्रा वाला सफर, पर जब प्रेम की अभिव्यक्ति...

रहे ना रहे हम….. महका करेंगे – डॉ. रीना रवि मालपानी

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लता जी का जाना तो एक युग का अवसान है। वह लता जी जो सुरों का संज्ञान थी, भारत की पहचान थी। आप तो...