इस्लामिक सैनिक संगठन – भारत के लिए बड़ा खतरा

प्रो.देवेन्द्र कुमार शर्मा

आजकल अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक खतरनाक खबर चल रही है । खबर है कि मुस्लिम देश नाटो जैसा सुरक्षा संगठन बनाने की कोशिश कर रहे है। इस विचार को वास्तविक रूप देने की कोशिश मुख्य रुप से पाकिस्तान कर रहा है। हम जानते ही है कि नाटो संगठन की एक मुख्य शर्त यह है कि एक देश पर आक्रमण दूसरे देश पर आक्रमण माना जाएगा। वर्तमान में नाटो में 32 देश सदस्य है। यूक्रेन नाटो का सदस्य बनना चाहता है। यह विचार पुतिन को स्वीकार नहीं इसीलिए यूक्रेन युद्ध चल रहा है।
इस्लामिक सुरक्षा संगठन बनाने का मुख्य विचार पाकिस्तान से आया है।पाकिस्तान और सऊदी अरब में इस प्रकार की सुरक्षा संधि हो चुकी है जिसके अनुसार पाकिस्तान पर हमला सऊदी पर आक्रमण माना जाएगा और सऊदी पर आक्रमण पाकिस्तान पर आक्रमण माना जाएगा। हम जानते ही है कि तुर्किये हमेशा भारत विरोधी रहा है और आपरेशन सिंदूर के समय तुर्किये ने भारत पर ड्रोन चलाने के लिए अपने सैनिक भेजे थे। यदि यह संगठन बना तो बंगलादेश निश्चित रूप से इसमें शामिल होगा। स्पष्ट है कि भारत के लिए यह बहुत ही खतरनाक स्थिति बनेगी। नाटो जैसा सैनिक संगठन बनाने के पीछे पाकिस्तान का इरादा भारत विरोधी मजबूत सैनिक संगठन बनाना ही है।
नाटो के निर्माण का उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय देशों की सुरक्षा की दृष्टि से किया गया था। स्टालिन के शासन में रूस यूरोपीय देशों के प्रति बहुत ही आक्रामक रुख अपनाता था। यूरोप के अधिकतर देश बहुत छोटे-छोटे है, उनकी सुरक्षा हेतु एक सशक्त संगठन बनाने की दृष्टि से अमेरिका के मार्गदर्शन में नाटो का निर्माण किया गया था। नाटो का अर्थ नॉर्थ अटलांटिक ट्रीट्री आर्गेनाइजेशन है। तब से अब तक रुस और नाटो के बीच में तनातनी चलती ही रहती है। यद्यपि कई नाटो सदस्य देश गैस और पेट्रोल रुस से लेते है। नाटो को निर्माण मुख्यत सुरक्षात्मक था किन्तु पाकिस्तान जिस इस्लामिक सुरक्षा संगठन का निर्माण करना चाहता है वह बहुत खतरनाक है। अधिकतर इस्लामिक देश इजराइल को समाप्त करना चाहते है।ईरान ने कई शक्तिशाली संगठन बना रखे है जो लगातार इजराइल के खिलाफ युद्ध करते ही रहते है। पिछले तीन वर्ष से हमास और इजराइल के बीच में युद्ध चल ही रहा है। हम सब जानते है कि हमास ने इजराइल के निर्दोष नागरिकों का अपहरण कर लिया था। सीरिया में कई वर्षों से गृहयुद्ध चल रहा है जिसमें रुस और अमेरिका की सेना भी जुड़ी हुई है। वर्तमान में कुख्यात आतंकी अहमद अल-शारा सीरिया का राष्ट्रपति बना हुआ है। खतरनाक बात यह है कि उसको अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प का समर्थन है। अब यद्यपि पाकिस्तान, ईरान, सीरिया, तुर्किये और ईरान के शेडो आतंकी संगठन मिलकर एक इस्लामिक संगठन बनाते है तो बहुत खतरनाक होगा। खासकर भारत के लिए तो यह बहुत ही खतरनाक होगा क्योंकि पाकिस्तान का मुख्य उद्देश्य भारत को क्षति पहुंचाना ही रहता है। यह भारत के लिए बहुत ही खतरनाक होगा। दूसरी ओर बंगलादेश के रुप में भारत के लिए एक बहुत ही खतरनाक देश तैयार हो रहा है। इसलिए इस्लामिक सैनिक संगठन की खबर से भारत को बहुत सतर्क हो जाना चाहिए। पाकिस्तान के पास एटम बम है ही और ईरान एटम बम बनाने की कगार पर है। ऐसी स्थिति शांतिप्रिय देश भारत के लिए बहुत ही खतरनाक होगी। अब समय आ गया कि भारत को भी शांतिप्रिय सज्जनता का मार्ग छोड़कर आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। सुरक्षा का सर्वमान्य सिद्धांत आक्रमण ही सर्वाधिक सुरक्षा है हमें कभी भी नहीं भूलना चाहिए।