रतलाम -महर्षि परशुराम ब्राह्मण सहकारी साख संस्था मर्यादित रतलाम कार्यालय पर श्री श्री 1008 (श्रृंगेरीपीठ ) आत्मानन्द सरस्वती महाराज द्वारा पवित्र श्रावण मास में प्रति रविवार श्रीमद् भागवत कथा अमृत वचन का रसपान
कराते हुए कहा कि कलयुग में धर्म एवं अधर्म का संघर्ष प्राणियों के समक्ष चलता रहता हैं। जिसमे अधर्म का त्याग कर धर्म पारायण होकर प्राणी अपना उद्धार कर सकता हैं। स्वामी जी ने कलयुग के प्रकट होने के लक्ष्ण कलयुग (अश्व स्वामी) के प्रश्नों के माध्यम से उल्लेख किया। प्रश्न क्रमांक 01)गहरे कुएं में लोहे की छड़ सिक्के के साथ डूब नहीं रही थी। 02) एक बड़ा कुआं उसके आस पास के चार छोटे कुओं को भर रहा लेकिन वही चारो छोटे कुएं बड़े कुएं को नहीं भर पा रहे थे। 03) एक गाय अपनी ही बछड़ी का दूध पान कर रही थी। 04) एक पशु मुंह से अशुध्दता फैला रहा था।इन प्रश्नों के उत्तरों के माध्यम से कलयुग के आगमन का विस्तार पूर्वक आपने भगवान श्री कृष्ण के महाप्रयाण एवं पाण्डवों के निर्वाण यात्रा का वर्णन किया।परम पूज्य गुरुदेव की चरण वंदना महर्षि परशुराम ब्राह्मण सहकारी साख संस्था मर्यादित रतलाम के अध्यक्ष पं. संदीप व्यास, श्रीमती नीतू व्यास द्वारा की गई। गुरुदेव के पावन सानिध्य में श्रीमती राखी व्यास संचालक रतलाम विकास प्राधिकरण,नव नियुक्त नगर निगम एल्डर मेन
पं. गोपाल जी शर्मा,श्रीमती पूजा बोहरा
का शाल, श्रीफल, पुष्प माला से स्वागत सम्मान किया गया। सकल ब्राह्मण समाज के श्रीमती अनुसुइया जोशी, श्रीमती अनुराधा दवे, श्रीमती सीमा जोशी, श्रीमती आशा दुबे,पं. नवनीत मेहता,पं. संजय दवे,पं. धुलचन्द सारस्वत,पं. मदन मोहन उपाध्याय,पं. राजेन्द्र कुमार जोशी,पं. सुनील दुबे,पं. संजीव शर्मा,पं. सत्येन्द्र जोशी,पं. अजय कुमार जोशी उपस्थित थें। अतिथियों द्वारा समाज के सहयोग और उत्थान का आश्वासन दिया और युवाओं के लिए संस्कार शाला प्रारंभ करने की चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ मुनिन्द्र दुबे द्वारा किया गया।