सकारात्मक सोच से मिलेगा आनंद – महापौर प्रहलाद पटेल

रतलाम। अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस के अवसर पर आनंद विभाग रतलाम द्वारा जिला स्तर पर आनंद के रूप में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 54 व्यक्तियों का सम्मान समारोह गुलाब चक्कर पर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर प्रहलाद पटेल ने संबोधित करते हुए कहा कि लोग आनंदित इसलिए नहीं रह पाते क्योंकि नकारात्मक अधिक सोचते हैं। सकारात्मक सोच से हम परिस्थितियों का रचनात्मक तरीके से सामना करने, जो हुआ उसे स्वीकार करने, अनुकूलन करने और अंततः आगे बढ़ने के तरीके ढूंढ सकते है।मुस्कुराहट अंदर से आती है यदि सच्चा आनंद चाहिए तो इस बनावटी मुस्कान से बाहर निकलना होगा और सकारात्मक सोच रखना होगा।

नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा ने कहा कि कि इस आपाधापी के युग में हम इतना व्यस्त हो जाते हैं कि हम असली आनंद खोते जा रहे हैं। एकल परिवार में घर के बड़े बुजुर्गों से मिलने वाले संस्कार और संस्कृति से भी दूर होते जा रहे हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और न्यायाधीश नीरज पवैया ने कहा कि आज के युग की सबसे बड़ी समस्या संवेदना की कमी है इसलिए संवेदनशील रहकर लोगों की मदद करना और उनके दुख दर्द बांटना जरूरी है,तभी सच्चा आनंद मिलेगा।

पीएम श्री महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वाय के मिश्रा ने कहा कि यदि किसी सकारात्मक कार्य और व्यवहार में आनंद ढूंढेंगे तो कभी बोर नहीं होंगे और जीवन को सार्थक कर सकेंगे।

पर्यावरण विद भूमि पवैया ने कहा कि लंबे समय तक खुश रहने के लिए सेवा से जुड़ना होगा।

आनंद विभाग की जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाने का उददेश्य दृष्टिकोण में बदलाव लाना है। व्यक्ति को इस बात का आभास कराना है कि आर्थिक विकास ही आवश्यक नहीं बल्कि लोगों की खुशहाली और सुख को बढ़ाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विभिन्न क्षेत्रों में समाजसेवा करने वाले आनन्दकों ने अपनी संस्था के उद्देश्य, कार्यों के बारे में जानकारी दी। राजेंद्र चतुर्वेदी, संदीप नारले , हेमंत मूणत, कृष्ण लाल शर्मा,विशाल वर्मा,अजीत सिंह, रत्नेश विजयवर्गीय,शबाना खान, डॉ अनामिका सारस्वत,विजय शर्मा ,खुशबू जोशी ,नवीन पाल ने विभिन्न सेवा कार्यों को रेखांकित किया।

संजय ओझा,रूपेश राठौड़, श्याम सुंदर भाटी की हास्य कविताओं ने लोगों को गुदगुदाया। कार्यक्रम के अंत में महापौर प्रहलाद पटेल ने जिंदगी का गीत गाया और बचपन की एक कविता सुनाई तो पूरा सदन हंसी के ठहाकों से लौट पौट हो गया।

कार्यक्रम का प्रारंभ पुष्पेंद्र सिंह सिसौदिया, धर्मा कोठारी द्वारा प्रार्थना से किया गया।

आत्मीय, गरिमामय,आनंद से परिपूर्ण समारोह के आयोजन के व्यवस्थित संचालन में सुरेंद्र अग्निहोत्री, बंटी,शुभम प्रजापत,हरिओम धाकड़ की विशेष भूमिका रही।

कार्यक्रम का संचालन आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर गिरीश सारस्वत ने किया और मधु परिहार ने आभार व्यक्त किया।