नैतिकता और सद्भावना का अलख केवल शिक्षक की जगा सकता है – श्री राव

  • शिक्षक दिवस पर शिक्षक सांस्कृतिक संगठन मंच द्वारा पचपन सेवानिवृत, 12 प्रतिभाशाली शिक्षकों का किया सम्मान

  • श्री प्रदीप सिंह राव को दिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

 

रतलाम । शिक्षक के व्यक्तित्व में भगवान राम की तरह मर्यादा का समावेश हो,कृष्ण की शौर्यता हो चाणक्य सी बुद्धि हो, मोहम्मद का संदेश हो, महावीर की अहिंसा हो और आत्म बलिदान में प्रभु ईसा जैसी शक्ति हो और ये सब मिलकर गौतम बुद्ध के वैराग्य में समाहित हो जाएं,तब किसी सच्चे शिक्षक का रूप निर्मित होता है। ऐसे शिक्षक ही समाज को सही दिशा देते हुए उत्कृष्ट समाज और शक्तिशाली देश का निर्माण कर सकते हैं ।
उक्त उदगार शिक्षक सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित 29 वेंं शिक्षक सम्मान समारोह में उपस्थित शिक्षक और बुद्धिजीवियों के मध्य प्रसिद्ध साहित्यकार शिक्षाविद डॉ. प्रदीप सिंह राव ने व्यक्त किए । लाईफ टाईम अचीवमेंट से सम्मानित प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. प्रदीपसिंह राव ने कहा कि सिर्फ शिक्षक ही ऐसे इंसान हैं जो नैतिकता की अलख जगाए हुए हैं यदि उन्हें राष्ट्र की पीड़ा का आभास है तो वे अच्छी बेटी, अच्छे भाई,अच्छी बहु,अच्छे पति पत्नी, मित्र और अच्छे इंसान बनाएं। ताकि सामाजिक अवमूल्यन न हो ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती अनीता सागर ने कहा कि शिक्षक सांस्कृतिक संगठन शिक्षकों के अंदर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य कर रहा है । विद्यालय के वातावरण को बदलने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है शिक्षा के साथ-साथ नैतिक आचरण और खेलों के प्रति समर्पण की भावना शिक्षक की विकसित कर सकता है कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधी सलाहकार अधिकारी पूनम तिवारी ने कहा कि मैं शिक्षकों के बीच में आकर आज बहुत प्रसन्नता अनुभव कर रही हूं प्रत्येक व्यक्ति। जीवन में यदि कुछ प्राप्त करता है या सफलता के शिखर पर पहुंचता है उसमें अपने शिक्षक की दी हुई शिक्षा का योगदान रहता है एक शिक्षक ही ऐसा वर्ग है जो निस्वार्थ भावना से अपने विद्यार्थियों को शिक्षित करता है उन्हें जीवन जीने की कला सिखाता है उनका आचरण समाज के लिए एक आदर्श रहता है शिक्षक अपनी गरिमा को उच्चतम स्तर पर स्थापित करते हुए अपना कार्य करें तो वे सदैव सम्मानित रहेंगे । इस अवसर पर एसबीआई लाइफ के महेंद्र सिंह राठौड़, लायंस क्लब क्लासिक के सचिव संदीप निगम ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।
स्वागत भाषण में अध्यक्ष श्री दिनेश शर्मा ने विगत 28 वर्षों का मंच का प्रतिवेदन देते हुए बताया कि डॉ. राव को उनके उच्च शिक्षा में आदिवासी अंचल में असाधारण योगदान, सामाजिक और साहित्यिक क्षेत्र में सतत रचनात्मकता के लिए यह सम्मान दिया गया है। संस्था प्रतिवर्ष श्रेष्ठ और सेवानिवृत शिक्षकों का सम्मान कर रही है और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के माध्यम से नगर एवं प्रदेश के शिक्षाविदों का सम्मान कर शिक्षा के प्रति अपना दायित्व निभा रही है । संस्था द्वारा जिले के 55 सेवानिवृत्त और 12 प्रतिभाशाली शिक्षकों का इस वर्ष सम्मान किया गया है ।
वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. मुरलीधर चांदनी वाला, ओपी मिश्रा, सुलोचना शर्मा, डॉ. गीता दुबे, गोपाल जोशी आदि ने श्री राव और अन्य शिक्षकों का सम्मान किया । आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती और डॉक्टर राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । सरस्वती वंदना ललिता कुशवाहा ने प्रस्तुत की । मुख्य अतिथि का परिचय कविता सक्सेना तथा अभिनंदन पत्र का वाचन डॉ मुनीद्र दुबे ने किया । कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी में निर्वाचित होने के लिए डॉ. सुलोचना शर्मा तथा साहित्य क्षेत्र में कवि दिनेश बारोट के योगदान के लिए उनका सम्मान किया गया ।
अतिथियों का स्वागत दिलीप वर्मा, कृष्ण चंद्र ठाकुर, नरेंद्र सिंह राठौर, राधेश्याम तोगड़े, मदनलाल मेहरा, श्यामसुंदर भाटी, नरेन्द्रसिंह पंवार, दशरथ जोशी, अनिल जोशी, रमेश परमार, उत्सव लाल सालवी, कमल सिंह राठौड़, विनीता पटेल, आरती त्रिवेदी, रक्षा के कुमार, मिथिलेश मिश्रा, बी.के.जोशी, अर्पित मेहरा, सैलाना इकाई के अध्यक्ष डॉ रविंद्र उपाध्याय देवेंद्र सिंह वाघेला आदि ने किया । इस अवसर पर पेंशनर समाज के श्री राजेश व्यास, सत्यनारायण सोडा, तेजपाल सिंह राणावत, प्रतिभा चांदनी वाला, कल्पना राजपुरोहित, पुष्पा वासन सहित बड़ी संख्या में पूरे जिले के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। संचालन श्री दिनेश बारोट ने किया तथा आभार दिलीप वर्मा ने व्यक्त किया।