शृंगेरी शंकराचार्य का 31 वा जन्मोत्सव वैदिक विधि विधान से सम्पन्न

*शृंगेरी शंकराचार्य का 31 वा जन्मोत्सव वैदिक विधि विधान से सम्पन्न*

इंदौर।शृंगेरी शंकराचार्य भक्त मंडल एवम मध्यप्रदेश ज्योतिष एवम् विद्वत परिषद के संयुक्त तत्वावधान में जगदगुरू शंकराचार्यश्री श्री विदु शेखर भारती ,दक्षिणामना य ,शारदा पीठम,शृंगेरी का 31 वा *आविर्भावोत्स्व* वैदिक विधि विधान से मनाया गया।भक्त मंडल के अध्यक्ष *आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक* ने बताया कि जगद्गुरीजी का चित्र पूजन वैदिक मंत्रोच्चार से किया गया। 21 वैदिक विद्वानों द्वारा शुक्ल यजुर्वेद संहिता माध्यन्दिन शाखा का स्वर सहित पारायण,हवन,पूजन,अर्चन एवम वैदिक विद्वानों का सम्मान किया गया।कार्यक्रम का श्रीगणेश चारों वेदों के मंगल मंत्रो के साथ दीर्घयुष्यसूक्त, पवमान सूक्त एवम सामूहिक गुरुवंदना से हुआ।आचार्य बृजेशशास्त्री,मोहन मिश्रा ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि से गुरुजी के चित्र का पूजन अर्चन कराया।श्रृंगेरी की अविछिन्न अचार्य परंपरा पर विद्वान आचार्य पंडित नंदकिशोर शर्मा एवम सोमेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा की *शृंगेरी सर्वोच शंकर पीठ है जहां आज भी आचार्य परम्परा अविच्छिन रूप से चली आ रही है*। भक्त मंडल के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य शर्मा वैदिक एवम अतिथियों ने मंत्र घोष के साथ गुरुजी के चित्र के सम्मुख इकतीस दीप प्रज्वलित कर जगद्गुरूजी श्री विदुशे खर जी के स्वस्थ्य दीर्घायुष्य की मंगल कामना मंगल मंत्रों से की। समारोह मेंबड़ी संख्या में भक्त जन व विद्वान उपस्थित थे ।कार्यक्रम का संचालन भक्त मंडल के प्रचार प्रमुख पंडित सोमेंद्र शर्मा ने एवम आभार चेतन रायकवार ने माना।