शृंगेरी शंकराचार्य का 73 वा जन्मोत्सव वैदिक विधि विधान से सम्पन्न

इंदौर। शृंगेरी शंकराचार्य भक्त मंडल एवम मध्यप्रदेश ज्योतिष एवम् विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया की शरदापीठ शृंगेरी के जगदगुरू शंकराचार्य श्री श्रीभारती तीर्थ महास्वमीजी का 73 वा आविर्भावोत्स्व वैदिक विधि विधान से समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का श्री गणेश हितेश व्यास एवम विद्वत मंडली द्वारा चारों वेदों के मंगल मंत्रो से हुआ। जगद्गुरीजी के चित्र का पंचोपचार विधि से पूजन आचार्य पंडित नंदकिशोर शर्मा एवम वैदिक विद्वानों ने सम्पन्न कराया।अचार्य शर्मा के सान्निध्य में 21 वैदिक विद्वानों द्वारा *शुक्ल यजुर्वेद माध्यन्दिन शाखा* का स्वर सहित परायण,हवन,पूजन,अर्चन एवम वैदिक विद्वानों का सम्मान किया गया।पूज्य जगद्गुरुजी के स्वस्थ्य दीर्घायुष्य की मंगल कामना हेतु दीर्घायुष्य सूक्त, पवमान सूक्त,भद्रसुक्त एवम आयुष्य मंत्रो का पाठ किया गया।अचार्य हितेश शास्त्री,संतोष मिश्रा ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री संजय शुक्ला एवम भक्त जनों से जगद गुरुजी के चित्र का पूजन अर्चन कराया।श्रृंगेरी की अविछिन्न अचार्य परंपरा पर विद्वान आचार्य पंडित सोमेंद्र शर्मा शास्त्री ने कहा की शृंगेरी सर्वोच्च शंकर पीठ है जहां आज भी आचार्य परम्परा अविच्छिन रूप से चली आ रही है। भक्त मंडल के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य शर्मा वैदिक एवम अतिथियों ने मंगल मंत्र घोष के बीच पूज्य जगदगुरुजी के चित्र के सम्मुख 73 दीप प्रज्वलित कर जगद्गुरूजी के *दीर्घयुष्य* की मंगल कामना की। समारोह में बढ़ी संख्या में भक्त जन, विद्वजन एवम गण मान्य जन उपस्थित थे।कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि विधायक श्री संजय शुक्ला ने कहा की श्रृंगेरी सनातन धर्म का मुख्य केंद्र है। कार्यक्रम का संचालन डा.अनिलराज शर्मा ने किया एवम आभार शिक्षाविद चेतन रायकवार ने माना।चित्र गुरुपूजन के अवसर का।