आरोपियों के कब्जे से 09 लैपटॉप (कीमत 5 लाख 62 हजार) जप्त कर थाना अपराध शाखा इंदौर में पंजीबद्ध किया धोखाधडी का अपराध।*
इंदौर – पुलिस आयुक्त (नगरीय) इंदौर श्री मकरंद देऊस्कर के व्दारा इंदौर शहर में लोगों से छलकपट कर अवैध लाभ अर्जित करते हुये आर्थिक ठगी करने वाले अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस उपायुक्त अपराध शाखा इंदौर कार्यालय में *इंदौर शहर के फरियादी जिनकी लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की शॉप है के द्वारा Amazon E-कॉमर्स के माध्यम से ग्राहकों को भेजे गए 09 नए लैपटॉप को ठग गैंग के द्वारा खरीदकर, उन्हे डिफेक्टिव बताकर Amazon पर रिटर्न करते वक्त पुराने खराब लैपटॉप एवं TFT स्क्रीन भेजकर ठगी करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसकी जांच क्राईम ब्रांच टीम द्वारा की गई ।*
शिकायत में जॉच करते हुए पाया गया कि इंदौर के फरियादी अमित को जिनकी इंदौर में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स की शॉप है के द्वारा अमेजॉन ई–कॉमर्स के माध्यम से देशभर मे ऑनलाइन ग्राहकों को प्रोडक्ट्स बिक्री करते है, फरियादी से अलग–अलग समय पर सूरत (गुजरात) के आरोपियों *(1). प्रियंक बावड़ियां निवासी सूरत गुजरात (2). सचिन चरोडिया निवासी सूरत (गुजरात)* के द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर कर 09 लैपटॉप अमेजॉन के माध्यम से खरीदे गए एवं और उन लैपटॉप को डिफेक्टिव बताते हुए , नए लैपटॉप की जगह पुराने लैपटॉप एवं TFT स्क्रीन पैकिंग कर अमेजन पर रिटर्न कर दिए और फरियादी को लैपटॉप बिक्री के प्राप्त 5 लाख 62 हजार रुपए भी अमेजॉन से आरोपियों ने वापस प्राप्त कर धोखाधड़ी की गई ।
पूछताछ करते आरोपी सचिन और प्रियंक के द्वारा धोखाधड़ी पूर्वक प्राप्त लैपटॉप को अपने साथी आरोपी *(3). नितिन भाई बडिया निवासी सूरत (गुजरात)* की “शॉप द लैपटॉप गैलरी” के माध्यम से नए लैपटॉप बहुत ही कम कीमत पर बेचने के लिए अपने इंदौर के साथी आरोपी *(4). असलम सय्यद निवासी इंदौर एवं (5). विवेक जेथनिया निवासी इंदौर* से संपर्क किया और फरियादी के लैपटॉप को आरोपी असलम ने अपनी इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की दुकान जिसका नाम “डिस्काउंट फैक्ट्री” है के बिल बनाकर अपने साथी आरोपी विवेक के साथ मिलकर सोशल मीडिया व्हाटसप ग्रुप के माध्यम से बेचने का कार्य किया जाना स्वीकार किया ।
*पांचों आरोपी को क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम द्वारा गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 09 लैपटॉप (5 लाख 62 हजार रुपए) जप्त करते हुए आरोपियों के विरुद्ध थाना अपराध शाखा में अपराध धारा 420, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया है जिसमें विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।*
