रतलाम। शिव-शक्ति हनुमत महायज्ञ के पावन अवसर पर निरंजनी अखाड़े के परम पूज्य महामंडलेश्वर द्वारा श्री श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज को जन-जागृति, गौमाता की रक्षा, सामाजिक समरसता एवं एकरूपता, तथा ‘एक संगत–एक पंगत’ के महा-संकल्प के लिए “हिंदू रत्न” की गरिमामयी उपाधि से अलंकृत किया गया।
इसी अवसर पर समाज के प्रति अपनी सतत सक्रियता, सनातन संस्कृति के संवर्धन, जनहित, जल-कल्याण एवं सामाजिक समरसता के क्षेत्र में निरंतर समर्पित अर्धनारीश्वर परिवार की काजल गुरु जागीरदार को भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान परम पूज्य निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 शांति स्वरूपानंद जी महाराज के शुभ कर-कमलों से, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 देवस्वरूपानंद जी महाराज, श्री श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज, महर्षि संजय शिवशंकर दवे, दत्त अखाड़े के स्वामी श्री निलभारती जी महाराज तथा उज्जैन के महंत श्री नरेंद्र गिरि जी महाराज के गरिमामयी सान्निध्य में प्रदान किया गया।
इस अवसर पर पूज्य महामंडलेश्वरजनों ने काजल गुरु जागीरदार द्वारा सनातन संस्कृति के उत्थान एवं समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए जनमानस से उनके कार्यों से प्रेरणा लेने का आवाहन किया।



