रतलाम का इतिहास गौरवशाली रहा है – डॉ. प्रदीप सिंह राव

  • संस्था परस्पर द्वारा रतलाम स्थापना दिवस मनाया
  • मधुमेह जांच शिविर आयोजित किया गया

रतलाम। रतनपुरी रतलाम केवल मात्र शहर नहीं है अपितु पश्चिम मध्य प्रदेश का सांस्कृतिक राजनीतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। दिल्ली- मुंबई रेलवे लाइन के मध्य स्थित हमारा शहर प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है। राजशाही समय से ही नगर का वैभव गौरवशाली रहा है। महाराजा रणजीत सिंह जो बेहद कम आयु में रतलाम राज्य के शासक रहे हैं। आपने अपने मुंशी शामत अली के निर्देशन में इस शहर को चारों तरफ से आकर्षक और व्यवस्थित निर्मित किया था विभिन्न बावड़ियों के माध्यम से जल स्रोत तथा नगर के चौमुखी विकास को ध्यान रखते हुए सड़कों का निर्माण किया था। नगर के प्रमुख चौराहे आज भी उत्कृष्ट का प्रमाण है। राजशाही की कल्पनाएं विकसित और अद्भुत थी शहर से लगे हुए छोटे शहरों का विशेष ध्यान रखा गया था। सैलाना, शिवगढ़, नामली, बाजना रतलाम की पुरातन सभ्यता के प्रतीक है। जहां अनेक ऐसे अवशेष हैं जो हमारी मूल संस्कृति विशेष कर आदिवासी सभ्यता को रेखांकित करते हैं। आजादी के बाद धीरे-धीरे शहर का विकास हुआ है जिसने अब तीव्र गति से रफ्तार पकड़ ली है यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है।
उपरोक्त विचार संस्था परस्पर द्वारा आयोजित रतलाम स्थापना दिवस बसंत पंचमी एवं परस्पर के स्थापना दिवस पर आयोजित विशाल मधुमेह जांच शिविर में उपस्थित नागरिक गणों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध इतिहास विद साहित्यकार डॉक्टर प्रदीप सिंह राव ने व्यक्त किये। आपने कहा कि नगर का सौभाग्य रहा है कि राजशाही के दौरान नगर को राज्यव्यापी और राष्ट्रव्यापी पहचान मिली थी। कार्यक्रम में उपस्थित प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत कुमरावत ने कहा कि हम इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत से भरपूर शहर के निवासी है यह हमारे लिए अत्यंत गौरव की बात है। रतलाम शहर स्थापना से ही देश का प्रमुख नगर रहा है रेलवे का प्रमुख जंक्शन उत्कृष्ट सोना, आकर्षक साड़ियां, जायकेदार सेव शहर की पहचान रही है। परस्पर लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है और स्वास्थ्य की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण सेवा कार्य हो रहे हैं। मधुमेह के प्रति जागृति लाना आज के दौर की पहली आवश्यकता बन गई है। विश्व में सर्वाधिक मधुमेह रोगी हमारे देश में रहते हैं जिन्हें इस रोग से मुक्त करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
संस्था परामर्शदाता दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारे नगर की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत गौरवशाली रही है यहां के साहित्यकार समाजसेवी शिक्षाविद कर्मचारी अभिभाषक डाक्टर इस शहर की मिट्टी से हमेशा जुड़े हुए रहे हैं। संस्था के संरक्षक अभय सुराणा, निमिष व्यास ने भी विचार व्यक्त किया। स्वागत भाषण प्रोजेक्ट अध्यक्ष महेश व्यास ने दिया संस्था द्वारा अतिथियों को शाल श्रीफल स्मृति चंद्र देकर सम्मानित किया गया। मधुमेह शिविर में 275 लोगों ने शुगर जांच करवाई।
अतिथियों का स्वागत सचिव सचिन गेलडा, मनीष बोहरा, एम.के. जैन, मनीष शर्मा, ओम प्रकाश पोरवाल, रमेश पोरवाल, दशरथ पोरवाल, चंदन राठौर, शैलेंद्र व्यास, कमलेश पालीवाल, राजेश जोशी, सुभाष नागोरी, अमित दागी, निलेश पावेचा, अभिसार हाडा आदि ने किया। संचालन अभय लोढ़ा तथा आभार महेश व्यास ने व्यक्त किया।