प्रो. देवेन्द्र कुमार शर्मा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने दूसरे कार्यकाल में पहले कार्यकाल से बिल्कुल अलग ही व्यवहार कर रहे है। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने दुनिया में शांति स्थापित करने की कोशिश की। शांति के प्रयास में वे उत्तरी कोरिया के तानाशाह से मिलने को भी गए किन्तु अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रम्प बिल्कुल अलग ही नजर आ रहे है। वे जो भी कुछ कर रहे है वह सब दुनिया में उथल-पुथल मचा रहा है। दुनिया का एसा कोई भी देश नहीं है जिसको ट्रम्प ने डराने की कोशिश न की हो। कनाडा को अमेरिका का एक प्रांत बनाने की घोषणा उन्होंने कर दी। कनाडा के प्रधानमंत्री को उन्होंने वहां का गर्वनर घोषित कर दिया। याद रहे अमेरिका के प्रांतों के शासक गर्वनर कहलाते है। ग्रीनलैंड को भी जल्दी ही अमेरिका के कब्जे में लेने की घोषणा ट्रम्प ने शपथ लेते ही कर दी थी। स्मरण रहे ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधिकार क्षेत्र में आता है। ट्रम्प ने वेनेजुएला से अपनी घोषणा को कार्यरूप में परिणित करना प्रारंभ कर दिया है। वेनेजुएला में अपार तेल भंडार है। साथ ही ड्रग्स का व्यापार भी बहुतायत से वेनेजुएला में होता है। ट्रम्प ने सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक में रखकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी का अपहरण करवाकर अमेरिका ले गए। न्यूयार्क की सड़कों पर मादुरो और उनकी पत्नी का खुलेआम प्रदर्शन किया गया और विभिन्न अपराधों में उन्हें जेल में बंद कर दिया। किसी देश के राष्ट्रपति का दूसरे देश द्वारा अपहरण करना शायद दुनिया की पहली घटना है। इस कार्यवाही से ट्रम्प की दादागिरी की मानसिकता दिखाई देती है। ट्रम्प ने वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति को भी चेतावनी दे दी है कि यदि सत्ता में रहना है तो कहना मानना पडेगा। अंततराष्ट्रीय समीक्षक कह रहे है कि ट्रम्प का अगला निशाना ईरान होने वाला है। ईरान में वर्तमान सत्ता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन चल रहे है। यह भी कहा जा रहा है कि वर्तमान सत्ताधारी धर्मगुरु खामेनेई शीघ्र ही ईरान छोड़कर रूस भाग जाने वाले है। पिछले लम्बे समय से खामेनेई की पकड़ सत्ता पर जबर्दस्त बनी हुई है। समय-समय पर कई बार उनके खिलाफ विद्रोह भी हुए जिन्हें सख्ती से दबा दिया गया। महिलाओं के खिलाफ भी बहुत अत्याचार किए गए। देखते है ट्रम्प ईरान के खिलाफ क्या कार्यवाही करते है। वैसे ही उन्होंने कहा है कि ईरान को आधुनिक बनाना है। ट्रम्प यूक्रेन पर भी मनमर्जी की शर्तें लादने पर तुले है। वे चाहते है कि यूक्रेन पुतिन की शर्ते माने। यद्यपि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेरेंस्की ट्रम्प के दबाव में नहीं आए। इस कारण यूक्रेन युद्ध का शांतिपूर्ण हल होते दिखाई नहीं दे रहा। ट्रम्प के चुनाव जीतने पर सबको अपेक्षा थी कि दुनिया में शांति का वातावरण बनेगा किन्तु हुआ विपरित ही। अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रम्प विकराल रूप धारण किए हुए है। पदग्रहण करने के बाद ट्रम्प शांति दूत का रूप धारण करते हुए नजर आए और शांति के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने की कोशिश की। इसमें असफल होने पर उन्होंने अपना रूप ही बदल लिया। अब वे सबके साथ दादागिरी करने पर उतारू हैं। उनके व्यवहार से दुनिया पर खतरे बहुत बढ़े है।