- सिद्ध तीर्थ बरबड में धूमधाम से हुई मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश की स्थापना
- उत्तम स्वामीजी का प्रत्येक परिवार से भोजन और भजन साथ करने का आव्हान


रतलाम 30 नवंबर। सिद्ध तीर्थ श्री बरबड हनुमान जी मंदिर पर रविवार को अभिजीत मुहुर्त में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वज-कलश की स्थापना हुई। इसके बाद महाप्रसादी के साथ पांच दिवसीय महोत्सव का समापन हो गया। महामंडलेश्वर पूज्य 1008 श्री ईश्वरानन्दजी महाराज उत्तम स्वामीजी के सानिध्य में जैसे ही भगवान की प्रतिमाएं विराजी, वैसे ही भक्तों में जय-जयकार के साथ उल्लास छा गया। उत्तम स्वामीजी ने आर्शीवचन में सभी परिवारों से सप्ताह में कम से कम दो बार एक साथ भोजन और भजन करने का आव्हान किया।
यज्ञाचार्य पं दुर्गाशंकर औझा और 11 भूदेवों ने मंत्रोप्पचार के बीच श्री राम दरबार, श्री राधा-कृष्ण, श्री अंबे माताजी, श्री गणेशजी, श्री शिव परिवार की मूर्तियांे की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। इसके बाद शिखर पर ध्वजा और स्वर्ण कलश की स्थापना की गई। बाद में पांच दिवसीय यज्ञ की यजमान संध्या-चंद्रप्रकाश सारडा, ममता-अनिल झालानी, निकिता-संजय अग्रवाल, गायत्री-रमेश मित्तल, लक्ष्मी-महेश अग्रवाल ने आहूति देकर पूर्णाहुति की। इस मौके पर महामंडलेश्वर पूज्य 1008 श्री ईश्वरानन्दजी महाराज उत्तम स्वामीजी ने मंदिर के सुंदर निर्माण और शिल्प के लिए ट्रस्ट की प्रशंसा करते हुए कहा कि एकसाथ भोजन और भजन करने से सर्वत्र खुशहाली रहती है और दुख दूर हो जाते है। आज के युग में प्रतिदिन ये संभव नहीं है, इसलिए सप्ताह में किसी दिन अवश्य करना चाहिए।
महोत्सव में श्री उत्तम स्वामीजी का श्री बरबड हनुमान मंदिर ट्रस्ट ने अभिनंदन किया। इससे पूर्व एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने हनुमान की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। ट्रस्ट ने उनका शाल-श्रीफल से सम्मान किया। महोत्सव में अखंड ज्ञान आश्रम के देवस्वरूपानंद जी, महेन्द्र ब्रहमचारी जी, नीलभारतीजी और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे का भी स्वागत-सम्मान किया गया। आरंभ में ट्रस्टी कैलाश व्यास ने मंदिर के इतिहास और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान ट्रस्ट अध्यक्ष कन्हैयालाल सारडा, उपाध्यक्ष चंदूलाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शांतिलाल चैधरी, मनोहरलाल पंडया महापौर प्रहलाद पटेल रमेश मित्तल, अश्विनी सोनी, राधावल्लभ पुरोहित, लक्ष्मीनारायण मित्तल चंद्रप्रकाश सारडा, अशोक पंडया, अरूण पुरोहित, संजय अग्रवाल निलेश पाठक, रमेश शर्मा महेश गोयल, रतनलाल धूत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। पांच दिवसीय महोत्सव का महाप्रसादी के साथ समापन हुआ। महाप्रसादी में हजारों भक्तों ने एक संगत-एक पंगत में प्रसादी ग्रहण की।


