शा.कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दस दिवसीय ऐड ऑन कोर्स का हुआ समापन
रतलाम । शा. कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संगीत, वाणिज्य, इतिहास, चित्रकला, अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित हो रहे ऐड ऑन कोर्स का दिनांक 19-09-25 को समापन हुआ। साथ ही संगीत विभाग द्वारा शास्त्रीय संगीत के विद्वान और पुनर्जागरण के अग्रदूत पंडित विष्णु नारायण भातखंडे जी की पुण्यतिथि के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि व प्राचार्य द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया एवं संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा मां शारदा के स्तुतिगान प्रस्तुत किया ।
ऐड ऑन कोर्स के विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ता विवेक कर्महे, अहमद रज़ा एवं पंडित अनिरुद्ध मुरारी का सांगीतिक एवं समाजशास्त्र विषय के वक्ता के रूप में महाविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक डॉ. अनिल जैन का स्वागत संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. बी वर्षा, डॉ माणिक डांगे, प्रो विनोद जैन, डॉ सुनीता श्रीमाल, डॉ अनामिका सारस्वत, प्रो.सौरभ गुर्जर, डॉ.दिवाकर भटेले, प्रो रविराज विश्वकर्मा द्वारा किया गया एवं अतिथियों का परिचय डॉ. अनामिका सारस्वत ने दिया। साथ ही युवा कलाकार तल्लीन त्रिवेदी, रोहित परमार के सांगीतिक योगदान का उल्लेख कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में मुख्य वक्ता विवेक कर्महे ने श्री भातखंडे जी को याद करते हुए कहा कि भातखंडे जी ने थाट पद्धति विकसित की, जो रागों के वर्गीकरण का आधार बनी, और संगीत की स्वरलिपि पद्धति का मानकीकरण किया, जिससे संगीत को आम जनता के लिए सुलभ बनाया जा सके। उन्होंने लखनऊ और ग्वालियर जैसे स्थानों पर संगीत विद्यालय स्थापित किए, संगीत के क्षेत्र में यह उनकी महान उपलब्धि रही। कर्महे जी ने सभी के समक्ष राग शुद्ध सारंग एवं राग भैरवी में भजन प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रसिद्ध $गज़ल गायक अहमद रज़ा ने राग यमन पर आधारित $गज़ल व गीत छात्राओं के साथ मंच पर प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंगलेश्वरी जोशी ने कहा कि आज का दिवस बड़ा विशेष है, आज संगीत के महान पुरोधा पंडित भातखंडे जी की पुण्यतिथि है साथ ही संगीत विभाग द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ऐड न कोर्स का समापन भी किया गया। इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को प्रेरित करते है व इस विधा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है, ऐसे आयोजन महाविद्यालय में होते रहने चाहिए जिससे छात्राओं का कौशल संवर्धन होता रहे।
तदोपरांत अतिथियों द्वारा ऐड ऑन कोर्स में शामिल छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरीत किए गए। समाजशास्त्र तथा चित्रकला विभाग की छात्राओं द्वारा ऐड ऑन कोर्स के दौरान सिखी गई विधाओं पर आधारित चित्रों का प्रदर्शन किया तथा लोक गाथाओं की जानकारी दी।
साथ ही महाविद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का शॉल श्रीफल से अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर श्रीमती राशिका कर्महे, श्रीमती किरण छाबड़ा, प्रशान्त चौबे, अक्षद पंडित व महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. मीना सिसौदिया, डॉ. सुरेश चौहान, डॉ. मधु गुप्ता, प्रो नारायण विश्वकर्मा, प्रो नीलोफर खामोशी, डॉ संध्या सक्सेना, डॉ सरोज खरे, डॉ. वी एस बामनिया, डॉ. स्नेहा पंडित, डॉ. स्वर्णलता ठन्ना नागर, डॉ. रोशनी रावत, प्रो. एस पी गिरी, प्रो अनुष्का सिंह, डॉ. अमृतलाल परमार, प्रो प्रीति शर्मा, विवेकानंद उपाध्याय, दिनेश गोयल, डॉ. रोहित चावरे, डॉ. निशा निमावत, प्रो. रूपेश सूर्यवंशी, डॉ विजयेंद्र श्रीवास्तव, प्रो दीक्षा गुप्ता, प्रो. मीनाक्षी, प्रो. निकहत, डॉ. सुनीता जैन, डॉ. खुशबू राठी, रंजीता समन सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. सौरभ गुर्जर एवं आभार संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. बी वर्षा ने माना।



