आचार्य डॉ. शिवमुनि म.सा. ध्यान साधना के सिरमौर है : डॉ अमितप्रज्ञा म.सा.

पूज्य हुक्मीचंद म.सा. के छन्द का अनुष्ठान संपन्न – मासक्षमण के तपस्वीयों का होगा बहुमान

रतलाम 18 सितंबर । आचार्य सम्राट ध्यान योगी डाॅ.शिवमुनि की म सा श्रमण संघ के चौथे आचार्य सिरमौर है। आपने हजारो ध्यान शिविर लगाकर लाखो लोगो को ध्यान साधना का लाभ दिया। आपका बहुत ही सम्पन्न परिवार में जन्म मलोत पंजाब मे हुआ । पढाई में बहुत ही अव्वल थे तथा आपने लीट्रेचर में डॉक्टर की उपाधि प्राप्त की। उक्त विचार श्रमण संघीय आचार्य डॉ शिवमुनी म सा की जन्म जयंती पर आयोजित गुणानुवाद सभा मे जैन दिवाकरीय डॉ अमितप्रज्ञा म.सा. ने व्यक्त किए ।
आपने फरमाया की आचार्य श्री अपने गुरु पूज्य ज्ञानमुनी म.सा के संपर्क में आए ओर वैराग्य उत्पन्न हो गया। माता पिता से दीक्षा की आजा माँगी। माता पिता तैयार नहीं हुए। माता पिता ने बेटे की परीक्षा लेने के लिये विदेश भेज दिया लेकिन विदेश जाने के बाद उन्हे संसार ज्यादा असार लगा और वैराग्य बढ़ गया। 30 वर्ष की युवावस्था में दीक्षा ग्रहण की। आचार्य श्री का 1942 मे जन्म 1972 में दीक्षा और 1987 में युवावार्य एवं 1999 में आचार्य की पदवी प्रदान की गई । आपने बहुत ज्ञान अर्पित किया फिर वे ध्यान साधना में लीन हो गए। ध्यान मुद्रा में हमेशा व्यस्त रहते और इस ध्यान साधना का बहुत प्रचार किया। भेद विज्ञान शरीर अलग एवं आत्मा अलग है का बहुत ही गहराई से अध्ययन किया और करवाया। आप पिछले लगभग लगातार 40 वर्षो से वर्षीतप की तपस्या कर रहे है।
धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए डॉ संयमलता म सा ने फरमाया की पूज्य हुक्मीचंद जी मसा स्थानकवासी परम्परा के महान संत थे । आपका जन्म मोतिया बाई रतनचंदजी चपलोत के घर में हुआ ओर जन्म से ही आपको सुन्दर संस्कार मिले । जब आप 05 वर्ष के थे तभी पूज्य लालचंद जी म सा आपका चेहरा देखकर समझ गए की यह बहुत होनहार बालक है। यह जिनशासन की शान बढ़ाएगा। लालचंद जी मसा ने बालक के माता पिता से उस बालक को जिनशासन के लिये माँग लिया माता पिता ने बहुत ही हर्ष के साथ बालक को महाराज सा को सौंप दिया । आपने बहुत अच्छा अध्ययन किया । आपने 21 वर्षों तक बेले बेले की तपस्या की मिठाई का पूर्णतः त्याग किया एवं मात्र 1 चद्दर एवं एक चोलपट्टा वह रखते थे। चाहे कितनी भी सर्दी गर्मी हो।
आज आपकी के नाम के चमत्कारी छ्न्द जिसकी रचना जैन दिवाकर गुरुदेव चौथमल जी मसा ने की थी उसका अनुष्ठान करवाया गया ।
इस अवसर पर पूज्य हुकमीचंदजी मसा के छ्न्द का अनुष्ठान कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसके लाभार्थी श्रीमती कोमल बाई बाबूलाल पितलिया पेटी वाला परिवार के दिलीपकुमार विजेंद्र कुमार पितलिया परिवार है । श्रीसंघ द्वारा कल मासक्षमण के 4 तपस्वीयों आशा देवी गादिया, सारिका पोखरना, निकिता कटारिया, प्रियांश मेहता का बहुमान शुक्रवार को प्रवचन सभा में किया जायेगा ।