72 वां महारुद्र यज्ञ का आयोजन भव्यता से मनाने का लिया संकल्प

बैठक में वार्षिक आय-व्यय पत्रक प्रस्तुत

रतलाम 15 सितंबर। प्रतिवर्ष अनुसार त्रिवेणी धाम पर होने वाला महारुद्र यज्ञ आगामी दिसंबर माह में आयोजित होगा। जिसकी तैयारी के संबंध में प्रारंभिक बैठक रविवार को संपन्न हुई। बैठक में यज्ञाचार्य पंडित श्री दुर्गा शंकर जी गामोठ द्वारा 72 में महारुद्र यज्ञ की तिथि घोषित की गई। जिसके अनुसार मुख्य रूप से 10 दिसंबर 2025 को चौमुखा महादेव मंदिर पर रुद्राभिषेक तथा हिमाद्री स्नान, 11 दिसंबर को प्रात: ध्वजारोहण, 19 दिसंबर को रथ यात्रा, 20 दिसंबर को गंगाजल तथा 21 दिसंबर को पूर्णाहुति होगी।
बैठक मे सनातन धर्म सभा तथा महारूद्र यज्ञ समिति के अध्यक्ष अनिल झालानी ने संस्था की गतिविधियों एवं पिछले कार्यक्रमों की जानकारी तथा आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
बैठक में सदस्यों ने आयोजन के संबंध में विभिन्न रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किये। सदस्यों की राय थी कि इस वर्ष भी किसी बडे संत को इस महारूद्र यज्ञ के दौरान आमंत्रित किया जावे।
सदस्यों ने कहा की महारूद्र यज्ञ आयोजन में गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभिन्न समाजों को जोड़ा जाकर के नए समाजो से संपर्क स्थापित किया जावे। सनातन धर्म के लिए कार्यरत विभिन्न धार्मिक संस्थाओं से भी संपर्क किया जावे। महारुद्र यज्ञ का प्रचार-प्रसार व्यापक रूप से किया जाकर के महारूद्र यज्ञ के सम्पूर्ण आयोजनों मे युवा संगठनों से सम्पर्क स्थापित कर उनकी भी सहभागिता सुनिश्चित की जावे।
पूर्व विधायक एवं पूर्व अध्यक्ष कोमल सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सनातन धर्म के विभिन्न मंदिरों तथा देवस्थानों की दुर्दशा पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उनके व्यवस्था व प्रबंधन हेतु सदस्यों ने जिला प्रशासन से मिलकर राज्य शासन तक अपनी बात पहुंचाने तथा हर मंदिर के संबंध में की निगरानी हेतु पृथक से अलग-अलग समितियां गठित करने पर सभी सदस्यों ने अपनी सक्रिय सहभागिता प्रदान करने की सहमति जताई।
बैठक मे यह भी सुझाव आया कि महारूद्र यज्ञ की गंगाजल व पूर्णाहुती वाले किसी भी एक दिन स्थानीय अवकाश पुन: प्रारम्भ करने हेतु ज्ञापन दिया जावे। बैठक मे यह मुद्दा उठा कि त्रिवेणी मेला का स्थान छोटा पडने लगा है। अत: मेले परिसर के विस्तार हेतु प्रशासन के ध्यान मे बात लाई जावे।
यह भी निर्णय लिया गया की विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग समितियां का गठन किया जावे। सनातन धर्म सभा महिला मंडल के नए पदाधिकारी के चयन पर भी सुझाव आए। यह भी चर्चा हुई कि शहर की महिला भजन मंडलियों की भजन अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित हो।
सदस्यों से सनातन धर्म सभा की वार्षिक पत्रिका में कुछ नए प्रसंग व नई जानकारी की सामग्री को समावेश करने पर भी सुझाव मांगे गए। आगामी समय में बड़े स्तर पर सनातन समाज से जुडे लोगों को आमंत्रित करते हुए एवं उन्हें जोडने का निश्चय किया गया। बैठक में कुछ सदस्यों ने महारूद्र यज्ञ के आयोजन की तिथियों में परिवर्तन करने तथा यजमानों बनने के इच्छुक परिवारों की चिट्ठी खोलने के स्थान पर प्रति चार वर्ष बाद मुक्त अवसर प्रदान करने के सुझाव भी दिए गए।
बैठक का संचालन बृजेंद्र मेहता ने करते हुए समिति का वार्षिक आय व्यय पत्रक प्रस्तुत किया तथा आभार सचिव नवनीत सोनी ने व्यक्त किया।
श्री रामगोपाल मंदिर में सम्पन्न बैठक में अभिभाषक बालूलाल त्रिपाठी, पंडित रामचंद जी शर्मा, डॉ.राजेन्द्र शर्मा, कैलाश झालानी, लालचंद टांक, नारायण राठौर, पुष्पेंद्र जोशी, जनक नागल, मदन सोनी, राखी व्यास, कपूर सोनी, राजेन्द्र अग्रवाल, राजू हॉकी, प्रहलाद सोलंकी तथा इस वर्ष की यजमान श्रीमती गायत्री सोनी आदि अनेक सदस्य उपस्थित थे।
बैठक श्रीमती कौशल्या देवी बंसीलाल जी शर्मा तथा श्रीमती जानकी राधावल्लभ जी पुरोहित के निधन पर श्रद्धांजलि देने के साथ समाप्त हुई।