
रतलाम 30 अगस्त। गुलाब चक्कर में 29 अगस्त से प्रारंभ हुए आकांक्षी हाट में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद खासे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित समूहों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की है।
आकांक्षी विकासखंड बाजना के जय माता दी, श्याम एवं गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा दालें, मसाले, ब्लॉक प्रिंट की चादरें, रेशम की चूड़ियां, पापड़, बड़ी, आचार, नमकीन और चिप्स जैसे विविध उत्पाद विक्रय किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही एनआरएलएम एवं नाबार्ड द्वारा प्रोत्साहित अन्य स्वयं सहायता समूहों ने भी अपने-अपने उत्पाद जैसे शुद्ध देसी घी, गोबर से बने उत्पाद, बांस से निर्मित सामग्री, नमकीन, पापड़-बड़ी आदि प्रस्तुत कर ग्राहकों को आकर्षित किया है।
मेले के दूसरे दिवस स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि प्रथम दिवस प्रति समूह सदस्य को लगभग रुपये 600 से रुपये 700 की शुद्ध आय प्राप्त हुई, जिससे सभी सदस्य उत्साहित हैं और आगामी दिनों में और अधिक लाभ अर्जित करने की आशा रखते हैं।
आकांक्षी हाट महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हो रही है, जहां स्वदेशी एवं घरेलू उत्पादों को न केवल बाजार मिल रहा है, बल्कि समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।



