
रतलाम। सृजन महाविद्यालय में सम्पन हुआ तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम जिसमें नवीन विद्यार्थियों का महाविधालय में स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सीनियर विद्यार्थियों ने कला प्रस्तुति और स्वागत गीत से किया जिसमें नवीन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति अनुसार तिलक व पुष्प वर्षा करके संस्था में प्रवेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद आध्यात्मिक गुरु आत्मानंद महाराज ने विद्यार्थियों को उद्बोधन दिया, उन्होंने कहाँ की इस जीवन से कुछ छूटना या टूटना किसी बड़े संयोग का होने की प्रारंभिक दशा है इसलिए जिस प्रकार बिग बैंग ब्रह्माण्ड में हुआ और उस ऊर्जा से ये जीवन बना,हमें सीखाता है की कुछ छूटना या टूटना गलत नहीं होता। इसी तरह आप सभी की ये नई शुरुआत आपके जीवन में एक नया अध्याय लिखने जा रही है जिसका परिणाम निश्चित ही फलदाई होगा। कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे सृजन भारत संयोजग और सृजन महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल झालानी ने विद्यार्थियों को उनके प्रवेश पर शुभकामनायें दी और अपने संकल्प सृजन रोजगार सेतु पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ने के लिए इस प्रकल्प के लिए तैयार होने अर्थात शिक्षा के साथ हुनर ज्ञान लेने के लिए जोर दिया आगे उन्होंने विद्यार्थियों से इस मुहीम में हर संभव मदद करने का वादा भी किया। इसी कार्यक्रम की अगली कड़ी में दूसरे दिन नवीन विद्यार्थियों ने क्विज प्रतिस्पर्था में भाग लिया, कठिन जवाबों के इस खेल में विद्यार्थियों ने खूब आन्नद लिया और अपनी जानकारियों का परिचय दिया। ओरिएन्टेटिटोन कार्यक्रम विद्यार्थियों के मेलजोल और संस्था संस्कार से विद्यार्थियों को जोड़ने का एक शुरूआती कार्यक्रम है।
इसी कार्यक्रम को तीसरे दिन खेल दिवस के तौर पर विद्यार्थियों ने धामनोद स्थित साई टापू पर पिकनिक में पारम्परिक खेल सितोलिया खेल कर मनाया। कार्यक्रम में मौजूद संस्था प्राचर्य डॉ जिंदल यादव, समन्वयक निसर्ग दुबे व शिक्षकगण मौजूद रहे।



