गो दुग्ध से भगवती के अभिषेक के साथ श्री श्रीविद्याधाम पर प्रकाशोत्सव का शुभारंभ

गो दुग्ध से भगवती के अभिषेक के साथ विद्याधाम पर प्रकाशोत्सव का शुभारंभ

ध्वजारोहण, गणेश पूजन एवं षोडशोपचार पूजन, शाम को हुई लक्षार्चन आराधना

इंदौर । विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर मंदिर के प्रकाशोत्सव का शुभारंभ शनिवार सुबह आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य एवं आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में 31विद्वानों द्वारा ध्वजारोहण, गणेश पूजन, पंचांग कर्म एवं भगवती मां पराम्बा के षोडशोपचार पूजन के साथ हुआ। गो दुग्ध से भगवती का अभिषेक भी किया गया।
आश्रम स्थित यज्ञशाला में सोमवार से ललिताम्बा सहस्त्रार्चन महायज्ञ सहित विभिन्न अनुष्ठान प्रारंभ होंगे, जिसमें 31 विद्वान प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक जल कल्याण की कामना से आहुतियां समर्पित करेंगे । गुप्त नवरात्रि के उपलक्ष्य में प्रतिदिन भगवती का नूतन श्रृंगार भी होगा।
आश्रम परिवार के यदुनंदन माहेश्वरी, पं.दिनेश शर्मा एवं राजेंद्र महाजन ने बताया कि आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर एवं आश्रम के संस्थापक स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ की प्रेरणा से इस अनुष्ठान में भगवती के एक हजार नामों से ललिताम्बा महायज्ञ में प्रतिदिन आहुतियां समर्पित की जाएंगी। आचार्य पं. राहुल शर्मा एवं पं. योगेश पाराशर सहित 11 विद्वान यज्ञ कर्म का संचालन करेंगे। महायज्ञ में आश्रम के 31 विद्वान शामिल होंगे। गुप्त नवरात्रि पर यहां 13 फरवरी को महागणपति यज्ञ, 14 को ललिता सहस्त्रनाम यज्ञ ,15 को महाविष्णु यज्ञ, 16 को सूर्य नारायण यज्ञ, एवं 17 को सदाशिव यज्ञ होगा । महोत्सव में प्रतिदिन सुबह 6 बजे वैदिक संध्या, वेद पाठ, 7.30 बजे षोडशोपचार पूजन एवं सांय 6 बजे ललिता सहस्त्र नामावली से लक्षार्चन आराधना एवं सायं 7.30 बजे 108 दीपो से महाआरती के आयोजन 18 फरवरी तक होंगे।
आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, रमेशचंद्र राठौर एवं रमेश पासारी ने बताया कि नर्मदा जयंती पर 16 फरवरी को सुबह 9:30 बजे पूज्य ‘भगवन’ के श्री विग्रह का प्रकाशोत्सव पर पादुका पूजन, षोडशोपचार पूजन, अभिषेक एवं आरती के बाद सायं 6 बजे मां पराम्बा ललिता महात्रिपुर सुंदरी के श्री श्रीविद्याधाम में नौका विहार की जीवंत झांकी के दर्शन होंगे । महाअष्टमी , 17 फरवरी को सायं 5.30 बजे मां अपने भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकलेगी । रात 8 बजे भगवती को 56 भोग समर्पित होंगे। महानवमी 18 फरवरी को सायं 6 बजे भव्य मनोहरी पुष्प बांग्ला सजेगा, जिसमें मां के दिव्य दर्शन होंगे। मंदिर के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में अनेक जाने-माने संत एवं विशिष्ट अतिथि भी आएंगे।