साधना नगर में चल रहे शिविर का रवीन्द्र नाट्य गृह में हुआ समापन, विद्वानों का सम्मान

 

इंदौर, । साधना नगर, एयरपोर्ट रोड स्थित पंच बालयति जिनालय पर चल रहे जैनत्व बाल संस्कार शिविर का समापन रवीन्द्र नाट्य गृह में शिविरार्थियों एवं विद्वानों के सम्मान के साथ हुआ। शिविरार्थियों ने 15 दिनों तक आलू-प्याज, लहसुन सहित जमींकंद इस अवसर पर आध्यात्मिक सदगुरु कानजी स्वामी की 133वीं जन्म जयंती परोपकार दिवस के रूप में मनाई गई।

श्री दिगम्बर जैन कुंद कुंद परमागम ट्रस्ट के महामंत्री सुशील काला ने बताया कि अध्यक्ष विजय बड़जात्या एवं सहयोगी बंधुओं के प्रयासों से गत 21 वर्षों से साधना नगर में बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी आठ दिवसीय शिविर में 500 से अधिक बच्चों ने भाग लिया, जिन्हें संस्कारित करने हेतु अनेक शहरों के विद्वान आए। शिविर का समापन रवीन्द्र नाट्य गृह में श्रेष्ठ शिविरार्थियों एवं विद्वानों के सम्मान के साथ हुआ। शिविर में पहले दिन से ही बच्चों के लिए दूध, स्वल्पाहार, बस सुविधा, धार्मिक पुस्तकों,  किट-बैग, स्टेशनरी  की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में पं. रीतेश शास्त्री, पं. अशोक शास्त्री एवं पं. टोडरमल स्मारक विद्यालय के साथ ही बांसवाड़ा, कोटा एवं दिल्ली के विद्वानों का आत्मीय सहयोग मिला। समापन समारोह का संचालन विजय बड़जात्या ने किया। मंगलाचरण राजेश काला ने किया। पुरस्कार वितरण तेजकुमार गंगवाल एवं सुशील काला सहित अनेक विद्वानों ने किया। आभार माना पदम पहाड़िया ने। शिविर में आए बच्चों ने पदम पहाड़िया की प्रेरणा से आलू-प्याज, लहसुन एवं जमीकंद न्यूनतम 15 दिनों तक नहीं खाने का संकल्प भी किया। इस मौके पर सदगुरु कानजी स्वामी के जन्म जयंती समारो