शाला पूर्व शिक्षा के प्रभावी प्रयोगों पर हुआ मंथन
भोपाल, 9 जून। शाला पूर्व शिक्षा को बच्चों के लिए अधिक आनंददायक, प्रभावी और सीख-केंद्रित बनाने की दिशा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों और प्रयासों को साझा करने के लिए अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी सभागार में ईसीई सेमिनार आयोजित किया गया। फंदा परियोजना के अंतर्गत आयोजित इस सेमिनार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने केंद्रों पर किए गए प्रयोगों, बच्चों के साथ हुए सीखने के अनुभवों और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से विकसित शिक्षण पद्धतियों को प्रस्तुत किया। इस सेमिनार का आयेाजन महिला एवं बाल विकास फंदा परियोजना एवं अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
सेमिनार में सात सेक्टरों से आईं 175 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन से जुड़े जानकार शामिल हुए। सेमिनार में 14 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रस्तुतियां केंद्र में रहीं, जिनमें उन्होंने खेल, गतिविधियों और स्थानीय शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से बच्चों में भाषा, संज्ञानात्मक, सामाजिक और गणितीय समझ को प्रस्तुत किया गया।
प्रस्तुतियों में यह भी सामने आया कि नियमित अवलोकन, बच्चों की रुचियों को समझने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने से आंगनवाड़ी केंद्रों का सीखने का वातावरण अधिक समृद्ध हुआ है।
टीएलएम प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
सेमिनार के दौरान विभिन्न आयामों पर आधारित टीएलएम प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय संसाधनों से तैयार की गई शिक्षण सहायक सामग्री को प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों ने इन सामग्री का अवलोकन कर उनके उपयोग और प्रभाव पर चर्चा की। सीख और समझ को मिला मंच
महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी कोमल उपाध्याय ने कहा कि ऐसे आयोजन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सीख और समझ को सामने लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने शाला पूर्व शिक्षा के विभिन्न आयामों पर किए गए कार्यों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कर उन्हें प्रस्तुत किया है, जो सराहनीय है। बच्चों की सीख को बेहतर बनाने के लिए टीएलएम और गतिविधि-आधारित शिक्षण के उपयोग से सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इस मौके पर सुपरवाइजर मधु मिश्रा, सुषमा पाटीदार, रजनी गुप्ता , जीतूबाला आदि ने भी अपनी बातें रखीं। उत्कृष्ट प्रयासों का हुआ सम्मान
सेमिनार के समापन सत्र में प्रस्तुति देने वाली सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला प्रमुख परेश पंडया, ब्लॉक समन्वयक सिद्धार्थ कुमार जैन सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सेमिनार का संयोजन पारुल डुग्गल, शुभ्रा मिश्रा, दीपा जोस, पूजा सक्सेना और रमाकांत प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर इंद्रनील चक्रवर्ती, राखी सोनी, भुवन तिवारी, नेहा शर्मा, राजश्री पांडे, निवेदिता तिवारी, सुप्रिया सिंह, चंद्रकांत आदि उपस्थित थे।