बंगाल चुनाव परिणाम – एक क्रांति

प्रो. देवेन्द्र कुमार शर्मा, रतलाम

बंगाल क्रांति का प्रदेश है। अनेक वैचारिक क्रांति का उदय बंगाल में ही हुआ है। हिन्दू धर्म का गढ़ भी बंगाल रहा है। बंगाल में अनेक विचारक हुए है। स्वामी विवेकानंद बंगाल और सुभाषचंद्र बोस बंगाल के ही थे। बंगाल के श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। वामपंथी विचारधारा भी बंगाल में फली-फूली। वहां लम्बे समय तक कम्युनिस्ट शासन रहा। वर्तमान चुनाव परिणाम के परिप्रेक्ष्य में विचार करें तो समझ में आता है कि अबकी बार हिन्दू क्रांति हुई है। लंबे समय से ममता बनर्जी का अराजक शासन चलता रहा। उन्होंने विभाजन की राजनीति की। मुसलमानों का साथ लेकर उन्हें अधिक महत्व देकर ममता ने हिन्दुओं का तिरस्कार किया। उनके राज में हिन्दू उत्पीड़न बहुत हुआ। बंगलादेश से भी मुसलमान बंगाल में आकर बस गए। जब ममता ने कम्युनिष्टों को बंगाल में हराया था तब यह विश्वास उत्पन्न हुआ था कि ममता न्यायपूर्ण शासन चलाएगी और वामपंथी सरकार के समय में जो अन्याय और उत्पीड़न हुआ था वह समाप्त हो जाएगा। किन्तु ऐसा कुछ नहीं हुआ।ममता नागरिकों के विश्वास पर खरी नहीं उतरी। सभी जानते हैं कि उनके शासनकाल में हिन्दुओं का उत्पीड़न चरम पर रहा। वे स्वयं हिन्दू है किन्तु उन्होंने हिन्दुत्व का बहुत तिरस्कार किया और हिन्दुओं को दुखी।

बंगाल में बीजेपी ने करिश्मा कर दिखाया। 2011 के पूर्व बंगाल में बीजेपी का कोई अस्तित्व नहीं था। सघन श्रम और समर्पण से बीजेपी ने बंगाल में काम किया। प्रारंभ में उन्हें दो सीटें ही मिली उसके बाद निरंतर समर्पण और श्रम से बीजेपी कार्य करती रही और अब जाकर उसे सत्ता प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई। ममता के राज में बंगाल में बहुत सामाजिक विभाजन हुआ। स्वयं हिन्दू होने के उपरांत भी उन्होंने मुसलमानों को विशेष प्रश्रय दिया और हिन्दुओं का उत्पीड़न किया। यहां तक कि ममता के राज में हिन्दुओं के लिए अपने त्यौहार मनाना भी कठिन हो गया था। सत्ता में बने रहने के लिए ममता ने नैतिकता को पूरी तरह नकार दिया था।

भाजपा ने अपने समर्पण और श्रम से बंगाल में सफलता प्राप्त की है। हिन्दुओं को जागृत करने में भाजपा ने सफलता पाई। बंगाल में भाजपा को बहुत काम करना है। वहां सब कुछ अस्त-व्यस्त है। घुसपैठिए वहां डेरा जमाए हुए हैं। हिन्दू वहां दुखी और परेशान रहे हैं। उन्हीं सबको भाजपा ने मुद्दा बनाया और ममता को सत्ता से हटाने में सफलता प्राप्त की। भाजपा को बहुत काम करना है। बड़ी संख्या में मुस्लिम घुसपैठिए वहां जमे हुए है। हिन्दू असुरक्षित हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त । अब भाजपा सरकार को कई समस्याओं से निपटना होगा। भाजपा की कार्यशैली के आधार पर हम आशा कर सकते हैं कि बंगाल में सब कुछ व्यवस्थित हो जाएगा। लंबे समय से परेशान हिन्दुओं को सुरक्षा और शांति मिलेगी। बड़ी संख्या में बंगाल में डेरा जमाए घुसपैठियों से बंगाल को मुक्ति भाजपा दे सकेगी ऐसी हमारी अपेक्षा है। यह बंगाल का दुर्भाग्य रहा है कि हिन्दुओं का उत्पीड़न वहां होता ही रहा है। कम्युनिस्ट शासन में विरोधियों का बहुत उत्पीड़न हुआ। जब ममता सत्ता में आई तब लोगों में एक विश्वास उत्पन्न हुआ था कि ममता सब कुछ बदल देगी। उन्होंने कम्युनिस्ट शासन को हराकर बड़ा करिश्मा किया था। कई आकर्षक वादे किए थे। नागरिक भी आश्वस्त हुए थे किन्तु ममता ने लोगों को बहुत निराश किया, खासकर बंगाल के हिन्दुओं को। अब भाजपा में ममता को सत्ता से अपदस्थ कर दिया है। इससे अच्छे नागरिकों में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है। भाजपा की कार्यशैली हम सब जानते है इसलिए पूरा विश्वास है कि बंगाल बदलेगा और शांति, सुख और समृद्धि बंगाल में आएगी। बंगाल के हिन्दुओं ने ममता के राज में बहुत भुगता है। आशा है उन्हें भाजपा राज में शांति और सुरक्षा प्राप्त होगी। राज्य भी विकास करेगा। ममता के राज में कई उद्योग बंगाल छोड़कर चले गए। हम आशा करते है कि अब सब कुछ बदलेगा और एक नए युग का प्रारंभ बंगाल में होगा।