

रतलाम। दीनदयाल नगर क्षेत्र में आयोजित सप्तदिवसीय शिव–शक्ति–हनुमत महायज्ञ के चतुर्थ दिवस प्रातः प्रभातफेरी में सहभागी श्रद्धालु सनातनी बन्धुओं एवं मातृशक्ति का विशेष सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। यह सम्मान उनके निरंतर सेवा-भाव, अटूट श्रद्धा तथा सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
प्रातः 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक पूर्ण वैदिक विधि–विधान के अनुसार महायज्ञ की दिव्य आहुति सम्पन्न हुई। यज्ञोपरांत महाआरती, हरि-भजन एवं श्रद्धापूर्वक यज्ञनारायण भगवान की परिक्रमा की गई। इस अवसर पर संतगणों एवं सनातनी बन्धुओं के साथ माननीय महापौर श्री प्रहलाद जी पटेल ने भी हरि-भजन के साथ परिक्रमा में सहभागिता की, जिससे सम्पूर्ण यज्ञशाला भक्तिरस एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठी।
तत्पश्चात् समस्त यजमानों, संतगणों एवं श्रद्धालुजनों द्वारा प्रसादी-भोजन ग्रहण किया गया। साथ ही, यज्ञशाला परिसर में प्रतिदिन समस्त सनातनी बन्धुओं हेतु अखंड भंडारे का पावन आयोजन निरंतर संचालित है।
अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर प्रतिष्ठा के पश्चात् प्रतिदिन प्रातः प्रभातफेरी करने वाले श्रद्धालु बन्धुओं के सम्मान का यह विशेष कार्यक्रम पूज्य हिंदू रत्न श्री श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 देवस्वरूपा नन्द जी महाराज, यज्ञ महामंत्री काजल गुरु जागीरदार, दत्त अखाड़े के स्वामी निलभारती जी महाराज, यज्ञ सचिव महर्षि संजय शिवशंकर दवे एवं उज्जैन से पधारे पूज्य महेंद्र नरेंद्र गिरि जी महाराज के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।
रात्रि में खाटूश्याम जी का दिव्य दरबार सजाया गया तथा सुमधुर भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय नागरिकों सहित ग्रामीण अंचलों से पधारे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
यह सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा, सेवा एवं सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर जनमानस में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रहा है।


