केंद्र सरकार ने सहकारिता मंत्रालय बना कर सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाया – श्री डांगी

रतलाम.।सहकार भारती का 48 स्थापना दिवस उत्साह से मनाया गया इस अवसर पर वक्ताओं ने सहकार भारती के माध्यम से सहकारिता आंदोलन को गतिशील बनाने की आवश्कता पर जोर दियातथा कहा कि सहकार शोषण रहित समाज रचना यानी उत्पादक, उपभोक्ता, व वितरण व्यवस्था इन तीनों के समन्वय से निर्मित हुई पर्याय व्यवस्था है.इसी व्यवस्था को आगे बडाने के लिए सहकार भारती की स्थापना हुई थी यह एक राष्टवादी गैर राजनीति क राष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना 1979में की गई थी.आज इसकी शाखाएं देश के हर जिले में है.

गुलाब चक्कर सभागार में आयोजित इस आयोजन में सहकार भारती की राष्ट्रीय स्तर पर चल रही गतिविधियों से अवगत कराते हुए मालवा प्रांत के संगठन मंत्री धर्मेंद्र डांगी ने कहा कि केंद्रीय सरकार ने सहकारिता मंत्रालय पृथक से बना कर सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाया है.यह आंदोलन जनजन का आंदोलन बने इस दिशा में प्रयत्न करना चाहिए।

 राष्ट्रीय डेयरी प्रकोष्ठ प्रमुख और विभाग प्रभारी देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि पृथक से मंत्रालय बनने से देश के कई क्षेत्र में सहकारिता ने अपनी दस्तक दी है और दुग्ध समितियों के माध्यम से सांची औरअमूल ने गौरव हासिल किया है, आज देश में सहकारिता क्षेत्र में कार्यरत कई संस्थाए निजी क्षेत्र की कम्पनियों की प्रतिस्पर्द्धा में खड़ी हैं l 

वरिष्ठ सहकारिता नेता जिला संघ के पूर्व अध्यक्ष पत्रकार शरद जोशी ने कहा कि केंद्र ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाया है वही मप्र सहकारिता आंदोलन दयनीय स्थिति में पहुच गया है l मप्र सरकार द्वारा विगत 15 वर्षो से चुनाव नही कराएं, प्रशासक व्यवस्था से 80 से 90 प्रतिशत समितियां अपना अस्तित्व खोने की स्थिति में आ गयी है, यह आंदोलन तभी गतशील हो पाएगा जब इसका लोकतान्त्रिक स्वरुप कायम होगाऔर नेतृत्व जन प्रतिनिधियों के हाथों में आयेगा।उन्होने कहा कि मप्र में सहकारिता आंदोलन को बचाने के लिए सहकार भारती को आगे आना होगा l 

अंत में जिला अध्यक्ष सुनील पोरवाल ने आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री शिव कुमार द्विवेदी ने किया कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष मंडवारिया, अनिरुद्ध शर्मा, पिकेंश भटृ, सुनिल वैरागी, प्रथमा कोशिक, उषा भार्गव, अर्चना गोयल पुनम ढलवानी, उषा भारद्वाज, दीपाली बुचके, निर्मला राणावत कांता परिहार, रजनीश गोयल, आदित्य मंडवारिया, अलका दुबे, सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।