नेत्रदान: सेवा, संवेदना और परोपकार की ज्योति मृत्यु के बाद भी समाज को प्रकाशमान कर सकती है

समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी सूरज देवी चोपड़ा

रतलाम। कहते हैं कि मनुष्य का जीवन भले ही नश्वर हो, लेकिन उसके किए गए पुण्य कर्म उसे चिरस्मरणीय बना देते हैं। कोमलनगर निवासी स्व. तेजपाल चोपड़ा की धर्मपत्नी श्रीमती सूरज देवी चोपड़ा ने अपने निधन के उपरांत नेत्रदान कर यह संदेश दिया कि सेवा, संवेदना और परोपकार की ज्योति मृत्यु के बाद भी समाज को प्रकाशमान कर सकती है।
दिवंगत की इच्छानुसार उनके परिजनों द्वारा किए गए नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में नया उजाला आएगा। यह मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है, जिसने यह सिद्ध किया कि एक सही निर्णय किसी के पूरे जीवन को बदल सकता है।
नेत्रदान की सूचना दिवंगत के पुत्र वीरेन्द्र चोपड़ा, पौत्र अनमोल चोपड़ा एवं परिजनों द्वारा नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत को दी गई। तत्पश्चात गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को अवगत कराया गया। उनके मार्गदर्शन में बड़नगर की नेत्रदान टीम के मनीष तलाच एवं परमानंद राठौड़ ने तत्परता से पहुँचकर नेत्र (कॉर्निया) संरक्षण की प्रक्रिया को पूर्ण सम्मान एवं संवेदनशीलता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया।
नेत्रदान प्रक्रिया के दौरान परिवारजन, रिश्तेदार, मित्र एवं समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने स्वयं कार्निया संरक्षण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देखा, जिससे नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियाँ दूर हुईं और कई लोगों ने भविष्य में नेत्रदान का संकल्प लिया। यह क्षण सामाजिक जागरूकता एवं सकारात्मक सोच का सशक्त उदाहरण बना।
इस अवसर पर शांतिलाल जैन (बड़नगर वाले), कुंदनमल भटेवरा, विजय नागोरी, पारस भंडारी, अरुण मूणत, अनिल नागोरी, दिनेश मूणत, दीपेश कासवा, हेमन्त गांधी, राजू चोपड़ा, मन्नूभाई चोपड़ा, शेखर कटारिया, ओमप्रकाश अग्रवाल, गिरधारीलाल वर्धानी, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी सहित अनेक नागरिक एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।
नेत्रम संस्था द्वारा दिवंगत के परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उदारता, मानवता एवं सामाजिक चेतना का सम्मान किया गया। संस्था ने समस्त नागरिकों से भावपूर्ण अपील की है कि वे भी नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य में सहभागी बनें और समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में सहयोग करें। नेत्रदान करें — क्योंकि आपकी दृष्टि, किसी और का पूरा संसार रोशन कर सकती है।