रितेश मेहता
रतलाम। शहर विधायक व मध्यप्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री को स्थानीय समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है आमजन के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की परवाह भी नहीं है शहर में पनप रही गंभीर स्थितियों को जानते हुए भी माननीय मुख दर्शक बनकर देख रहे हैं ऐसा लगता है शहर की स्थितियां ओर स्थानीय प्रशासन दोनों ही माननीय के नियंत्रण से बाहर है शहर की भोली भाली जनता पर हो रहे अत्याचार से भी शहर विधायक का कोई सरोकार नहीं है।
शहर की जन समस्याएं हो या प्राइवेट स्कूलों की दादागिरी इनके लिए शहर विधायक को अग्रसर होकर बोलना चाहिए लेकिन विधानसभा में कोई अन्य ही विधायक रतलाम शहर के मुद्दे उठाते हैं। यानी शहर विधायक जनता के कार्यों के प्रति रुचि नहीं होने से अक्षम साबित हो रहे हैं।
हाल ही में रहवासी इलाके में आगजनी के गंभीर घटना घटने के बावजूद भी शहर विधायक द्वारा कोई वक्तव्य जारी नहीं किया जो समझ से परे है। वैसे तो विधायक कार्यालय से माननीय के हर कार्यक्रम का एक प्रेस नोट जारी होता है जो सिर्फ माननीय की पब्लिसिटी के लिए होता है लेकिन शहर के गंभीर मुद्दे और जनता की आवाज उस कार्यालय में दफन सी हो जाती है।
आगजनी वाला गोदाम कई वर्षों से रहवासी क्षेत्र में संचालित हो रहा है और कई बार अप्रत्याशित घटनाओं को अंजाम भी दे चुका है किंतु प्रशासन द्वारा आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। शायद विधायक कार्यालय से कार्यवाही करने का कोई निर्देश जारी नहीं हुआ हो इसीलिए प्रशासन अभी तक चुप बैठा हैं। आगजनी के चार दिन बीत जाने के पश्चात भी गोदाम से उठ रहे जहरीले धुएं से क्षेत्रीय रह वासियो को जो परेशानियां हो रही है उसका अंदाज शायद शहर विधायक को नहीं होगा।


