अंतराष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस : घातक बिमारीयों को फेलने से रोकता है स्वैच्छिक रक्तदान

रतलाम। मानव सेवा समिति ब्लड बैंक के पूर्व ब्लड बैक प्रभारी गोविन्द काकानी ने 24 नवबंर अंतराष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सभी नियमित स्वेच्छिक रक्तदाताओं को धन्यवाद व बधाई देते हुए वर्तमान समय की आवष्यकता को देखते हुए दिनांक 24 नवबंर से 30 नवबंर तक विभिन्न संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान षिविर में रक्तदान करने का आव्हान किया।
नषा मुक्ति के लिए आवष्यक पहल उन्होने बताया कि देष मे बडती हुई घातक बिमारीयो को फेलने से रोकने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान ही एक मात्र उपाय है क्यों की देष मे बडती हुई गरीबी के कारण कुछ लोगो ने रक्तदान को पैसा कमाने का एक माध्यम बना लिया यह लोग चंद रूपयों के खातिर रक्त को बेचते है और इन पैसो से बुरी आदतो पर खर्च करते है यह बुरी आदतें उनके शरीर मे अनेक घातक बिमारीयों को जन्म देती है उच्च तकनीकी वाली मषीनों से जॉच के बाद भी विन्डो पिरियड मे रक्त जॉच मे यह बिमारीयॉ नही पकड मे आती है तथा दुसरो को यह रक्त चढाने से पिडित बिमार व्यक्ति अकाल मौत चला जाता सकता है या उस घातक बिमारी से वह भी ग्रसित हो जाता है।

स्वैच्छिक रक्तदान में रतलाम जिला (म.प्र.) में जागरूक

मानव सेवा समिति द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान को बढावा देने हेतु स्कूल, कॉलेज, कल कारखाने , बैंक निजी संस्थान, राष्ट्रीय सेवा योजना षिविर, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन आदि अनेक जगहो पर रक्तदान जागृति हेतु गोष्ठिया आयोजित कि जा रही है। इन गोष्ठीयों को समाजसेवी गोविंद काकानी (जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य) के माध्यम से सरल भाषा में समझाया जाता है। जिसमे उपस्थित लोगो को रक्तदान के बारे मे, रक्तदान कि भ्रांतियों को दूर करना एवं उनके मन मे उठे प्रष्नो का वही पर समाधान कर उनके मन मे समाऐ हुए रक्तदान के डर को दूर किया जाता है साथ ही सतत् रक्तदान करने हेतु प्रेरित किया जाता है उपस्थित समुदाय मे रक्तदाताओं को सम्मानीत भी किया जाता है। रक्तदान के अलावा नेत्रदान, अंगदान, एवंम देहदान, के लिए भी लगातार समाज को प्रेरित करने का कार्य काकानी सोष्यल वेलफेयर फांउडेषन के द्वारा किया जा रहा है।

रक्तदाता के उत्तम स्वास्थ्य हेतु

लगातार रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। उन्हे अपने हिमोग्लोबिन की कमी नहीं होने देना चाहिए। इस हेतु मानव सेवा समिति द्वारा अजमाये कुछ नुस्के जिससे हिमोग्लोबिन तेजी से बड़ जाता है वे इस प्रकार है-

  • देसी गुड एवं सिके हुऐ चने का प्रतिदिन सेवन करना।
  • लोहे की कढाई (बर्तन) में हरी सब्जी, पकाना।
  • चार मनक्का दाख प्रातः व रात को पानी में भीगोकर रख कर सेवन करना।
  • षलजम (चुकन्दर) व अनार जैसे फलों का रस लेना।
  • आयरन की गोलियॉ (फोलिक ऐसिड)।

रक्तदान के तीन पर्व

14 जून विष्व रक्तदान दिवस , 1 अक्टूबर राश्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस व 24 नवम्बर अंतराश्ट्रिय रक्तदान दिवस के पुनीत रक्तदान पर्व के पावन अवसर पर 18 से 60 वर्श के बीच जिसका वजन 45 के.जी. से अधिक हो, सामान्य स्वस्थ्य व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदान पर्व के अलावा किसी भी खुषी के मौके पर या अपने पूज्य पूर्वजो की स्मृति में अवष्य रक्तदान कर अपनी रक्त की बूंदो से दूसरो की जिंदगी में उजाला फैलायें।
जीवनरक्षी रक्त के अभाव में, कोई अपना जीवन न गवाये या कठीनाईयों का सामना न करे। इस बात का संकल्प कर हर स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर के सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए जीवन बचाने का पुण्य कार्य कर सकते है। रक्त की उपलब्धता में महत्वपुर्ण योगदान रक्तदाताओं का ही है। आम नागरिक में रक्तदान करने की भावना की जागृति ही प्रचूरता से रक्त की उपलब्धि का एक मात्र साधन है।