शिक्षक मंच द्वारा दीप मिलन एवं सेवा मनीषियों का किया सम्मान
रतलाम। भारतीय संस्कृति और जीवन शैली में दीपोत्सव जीवन का एक अंग है हम प्रतिदिन ईश्वर की आराधना दीप जलाकर आरंभ करते हैं दीप हमारे लिए ईश्वर से कमतर नहीं है। हमारी आराधना और आस्था का साक्षी दीपक ही माना जाता है हमारी खुशियों को व्यक्त करने का माध्यम भी दीप जलाकर किया जाता है। दीपावली हमारी खुशियों का प्रतीक है दीपावली के दिन दीप प्रज्वलित कर हम पूरे विश्व को इस बात का संदेश देते है दीपों के प्रकाश से समूचा विश्व आलोकित रहे।
उक्त विचार शिक्षक सांस्कृतिक संगठन मंच द्वारा आयोजित दीप मिलन एवं सेवा मनीषी सम्मान समारोह में नगर के प्रसिद्ध रंगकमी चिंतक वक्ता कैलाश व्यास ने व्यक्त किये। आपने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं जो भारत भूमि पर जन्म लेकर संस्कृति ओर आस्था के पर्व इतने उत्साह और धूमधाम से बनाते हैं।
मंच द्वारा सम्मानित सेवा मनीषी विभूतियों के लिए आपने कहा कि डॉक्टर मुरलीधर चांदनी वाला के व्यक्तित्व को शब्दों में बांधना अत्यंत कठिन है। आपकी शब्द रचना और साहित्य साधना उच्च कोटि की है आपकी काव्य रचनाएं मनुष्यता और रिश्तो की परिभाषाएं गढते हैं। भावो में हमेशा स्नेह और प्यार प्रकट होता है। आपने बैंगलोर में आयोजित उपकुलपति सम्मेलन में भाग लेकर पूरे नगर और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
अपने सम्मान के प्रति उत्तर में डॉक्टर चांदनी वालों ने कहा कि इस नगर ने मुझे बहुत कुछ दिया है और इसी के परिणाम स्वरूप बेंगलुरु में उप कुलपति सम्मेलन में मुझे आमंत्रित किया जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों के बीच मुझे अपनी बात कहने का मौका मिला सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान संदर्भ में कैसे उपयोग किया जाए इस पर उच्च कोटि के विचारों को आत्मसात करने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित हुए नगर के महापौर प्रहलाद पटेल ने कहा कि गुरुओं के बीच जाकर अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं जो कुछ भी हू आपके आशीर्वाद से बना हूं आप सब का जीवन मंगलमय हो खुशियों से भरा हो मंच की गतिविधियां अत्यंत प्रेरणादाई है समस्त शिक्षक गण अपनी शिक्षा द्वारा उत्कृष्ट पीढ़ी का निर्माण करें मंच द्वारा श्री पटेल का शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने समाजसेवी अनुज छाजेड़, पेंशनर समाज के प्रमुख सत्यनारायण सोडा, शिक्षाविद रवि नाहर का भी सम्मान किया। आरंभ में अतिथियों में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया सरस्वती वंदना आरती त्रिवेदी ने प्रस्तुत की स्वागत उद्बोधन अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने देते हुए कहा कि दीपावली की मिठास पूरे वर्ष बनी रहती है मिलन समारोह एक दूसरे से मिलने का श्रेष्ठतम उदाहरण है मन की कटुता समाप्त करने और एक दूसरे से जुड़ने का अवसर है इसके माध्यम से हम अपने आपसी रिश्तों को सौहार्दपूर्ण और मजबूत बना सकते हैं। मिलन समारोह से समाज में समरसता का भाव पैदा होता है।
इस अवसर पर डॉक्टर सुलोचना शर्मा, ओ पी मिश्रा, डॉ गीता दुबे, मचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत सचिव दिलीप वर्मा, पूर्व अध्यक्ष कृष्ण ठाकुर, नरेंद्र सिंह राठौड़, राधेश्याम तोगड़े, गोपाल जोशी, भारती उपाध्याय, श्याम सुंदर भाटी, वीणा छाजेड़, मदन लाल मेहरा, प्रतिभा चांदनी वाला, दशरथ जोशी, मिथिलेश मिश्रा, दिनेश बारोट, रमेश परमार, अनिल जोशी, अर्पित मेहरा आदि ने किया। इस अवसर पर श्री तेजपाल सिंह राणावत, अनीस भाई, ललित गोयल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ रविंद्र उपाध्याय तथा आभार डॉ मुनीद्र दुबे ने व्यक्त किया।




