श्रावक के जीवन मे व्रत व नियम बहुत जरूरी : डॉ संयमलता म सा

जैन दिवाकर नवयुवक मंडल द्वारा 19 वे रक्तदान शिविर का होगा आयोजन

रतलाम । वह अमृत ही क्या जिसके पीने से व्यक्ति मर जार। वह सूर्य ही क्या जो अन्धेरा फैलाए । वो समुन्द्र ही क्या जिसमें गम्भीरता न हो ओर वो श्रावक ही क्या जिसमे जीवन में व्रत नीयम न हो। उक्त विचार जैन स्थानक नीमचौक मे आयोजित धर्मसभा मे जैन दिवाकरीय महासाध्वी संयमलता म सा ने व्यक्त किए । आपने फरमाया की व्यय एवं अपव्यय जिस कार्य से आत्मा दण्डित होती है उसे अनर्थ दण्ड कहते है । काम विकार करने वाली कथा की हो, कुचेष्टा की हो, गलत शब्द, गाली गलोच, नींदा करना की हो, मन वचन काया तीनों से अनर्थ दण्ड लगता है ।
श्री संघ मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया की रविवार को ज्योतिषाचार्य मालवरत्न कस्तूरचंद म सा की पुण्य दिवस ओर मालव सिंहनी कमलावती म सा की जन्मयंती पर गुणानुवाद सभा का आयोजन किया जायेगा । साथ ही सामायिक के धर्मचक्र का आयोजन रखा गया है जिसमें 2/3/4 सामायिक करना है। पूज्या महासती श्री कमलावती जी मसा का जन्म रतलाम में हुआ है। अतः ऐसे महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिये प्रवचन में अवश्य पधारे। इस अवसर पर श्री जैन दिवाकर नवयुवक मंडल द्वारा 19 वे रक्तदान शिविर का आयोजन रखा गया है । नवयुवक मंडल अध्यक्ष आशीष कटारिया ने सभी धर्मप्रेमी जनता से इस पुनीत कार्य मे सहयोग कर अधिक से अधिक रक्तदान करने का आव्हान किया । साथ हि प्रवचन सभा के बाद कमला ट्रॉफी प्रश्न मंच संपन्न हुआ जिसमे प्रथम स्थान आरती मण्डलेचा, सोनु बोथरा, परिधि धाकड़, द्वितिय स्थान पिस्ता कटारिया, प्रियांशी कटारिया, मंजू सुराणा एवं तृतीय स्थान स्नेहलता वोरा, सोनिका मेहता, प्रीति मुनत का रहा । इस प्रश्न मंच मे 40 टीमों ने सहभागिता की थी ओर अंत मे सांत्वना पुरुष्कार सभी को प्रदान किए गए ।