जिन की मानोगे तो संसार से उदास हो जाओगे और वैराग्य में पास हो जाओगे – श्री श्री 108 श्री सद्भाव सागर जी मसा.

रतलाम 6 सितंबर । पर्यूषण पर्व के अंतर्गत श्रुति संवर्धन वर्षा योग 2025,श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर स्टेशन रोड, रतलाम आचार्य 108 विशुद्ध सागर जी म. सा. के शिष्य मुनि श्री 108 सद्भाव सागर जी म.सा. एवं क्षुल्लक 105 श्री परम योग सागर जी म.सा. द्वारा चंद्रप्रभा मंदिर मे पाट पर विराजित है।
दो बत्ती स्थित लोकेंद्र भवन पर उत्तम ब्रह्मचर्य को समझाते हुए पूज्य गुरुदेव श्री श्री 108 मुनि श्री सद्भाव सागर जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज हम सब उसे परम निधि रूपी जीवन मूल्यों की व्याख्या समझ रहे हैं। जिसके अभाव में मनुष्य बोला है आज उत्तम ब्रह्मचर्य का पवित्र दिन है। जिसके मन में क्षमा से लेकर त्याग तक जीवन के नौ मूल्यों का विकास हो गया है और जब तक आप अपने जीवन में 9 मूल्यो का, अपनी क्वालिटीज में इनको समाहित नहीं करेंगे तब तक आपका जीवन खोखला है, आप अधूरे हैं,अपूर्ण हैं जैसे कोई मंदिर बन जाए और उसके ऊपर कलश स्थापित नहीं हो वह शोभा को प्राप्त नहीं होता ऐसे ही इन नौ गुणो का होने पर भी ब्रह्मचर्य का बोध नहीं है निर्विकारता, शील,सद्भाव शील प्रकृति जिसके पास नहीं है। वह मानव मानव नही कहलाता है भगवान बनना है तो ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ेगा। भगवान तो ठीक है एक अच्छा इंसान भी बनना है तो उससे ब्रह्मचर्य शील पालना ही पड़ेगा। इंसान बनने के लिए ही आपको शीलवान बन कर रहना है। एक ग्रहस्त के लिए सदा संतोष वृति बनकर जीना ही श्रेष्ठ है। अभागे मानव ने सुखाभास मे ही अपने जीवन को बर्बाद कर दिया, तुमने सुखाभास में ही अपना जीवन खोया है। सुख बस के पीछे आप इतने गफीर हो गए की यथार्थ सुख को पाने की इच्छा की शक्ति आपके पास नहीं बची इसलिए की भोगो को इतना भोगा की भोग ही बना डाला। इसीलिए सुखाभास में जीना अज्ञानता है।
ज्ञान की आराधना अत्यंत अनिवार्य है। ज्ञान जब आपके जीवन में प्रवेश करेगा तो यह आपकी मानसिकता को बदलता है, चारित्र को भी पवित्र कर देता है, इसलिए आज का दिन कह रहा है मन की मत मानो। मन की मानने जाओगे तो भोगों दास हो जाओगे। जिन की मानोगे तो संसार से उदास हो जाओगे और वैराग्य में पास हो जाओगे और मोक्ष मार्ग का पास पाओगे। उक्त बात अपने प्रवचन श्रृंखला में श्रावको को समझाई । श्री चंद्र प्रभ दिगंबर जैन श्रावक संघ, श्री विद्या सिंधु महिला मंडल श्री विमल सन्मति युवा मंच एवं सकल दिगंबर जैन समाज रतलाम है। उक्त जानकारी श्रावक संघ संयोजक श्री मांगीलाल जैन ने दी।