श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया
रतलाम। श्री शेषनारायण मंदिर भरावा की कूई पर चल रहे सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा मे आज भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। आचार्य श्री योगेश्वर शास्त्री ने कथा श्रवण कराते हुए कहा कि वाणी में जादू होता है। हमेशा मीठी वाणी बोलिए, जब भी बोलो मीठा बोलो, मीठी बोली बुरे इंसान को भी अपना बनाने की क्षमता रखती है। किसी भी शब्द का प्रयोग तभी करें जब उसके अर्थ का ज्ञान हो। आपने कहा कि ब्रह्म प्राकट्य होता है जन्म नहीं होता। कथा मे भागीरथ की तपस्या, गंगा के आगमन, राजा परीक्षित की कथा, रघु महाराज एवं रघुवंश की कथा एवं यदुवंश की कथा का वर्णन किया।
आज भगवान श्री कृष्ण का जन्म वाचन किया गया। जैसे ही भगवान का जन्म हुआ। यजमान श्रीमती ज्योति देवी अशोक जी कड़ेल, भगवान के बाल रूप को सिर पर उठा कर पांडाल में प्रवेश किया । धर्म सभा में उपस्थिति धर्मालुजनों ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाएं तथा आनंद उमंग भयो, जय हो नन्दलाल की, नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की, कान्हा मेरे कान्हा मेरे घर आना माखन और मिश्री का भोग लगा जाना ओ संवारे…, यशोमती मैया से बोले नंदलाला, राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला के भजनों से पूरा पांडाल भक्तिमय हो गया । जन्म पश्चात भगवान को पालने में झूला झुलाया गया । जिसमें उपस्थित धर्मालुजनों ने धर्म लाभ लिया।
धर्म सभा में श्यामलाल कंडेल, नवनीत जलोतिया, अरविंद सोनी, नंदकिशोर रूनवाल, गजाधर जांगलवा, जगदीश भामा, रमेश सोनी, कपूर जलोतिया, शैलेष जलोतिया, लाला सोनीवाल, मोतीलाल मींडिया, राजकुमार देवाल, प्रेमनारायण मंडावरा, जगदीश देवाल, संजय सोलीवाल, तेजकरण सोलीवाल, कृष्णादेवी मीडिया, किरण कंडेल, रेखा जलोतिया, डिम्पल. भावना, बरखा मींडिया, उमा सोलीवाल, उमा सोलीवाल, अनिता जलोतिया, चेतना बेवाल, हेमा अग्रोया, गंगा सोलीवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित थे।



