कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने महासतियावृंद के दर्शन वंदन किए
रतलाम । धन्य कुमार ने प्रभु महावीर की वाणी से प्रभावित होकर संयम स्वीकार किया। और संयम लेते ही बेले बेले पारणे वो भी आयंबिल से करते थे। प्रभु महावीर ने स्वंय फरमाया की उनके शिष्यों मे सबसे दुष्कर तप धन्ना मुनि कर रहे है । और अंत समय मे 1 माह का संलेखना संथारा करके 33 करोड सागरोपम सर्वसिद्ध विमान देवलोक में आयुष्य प्राप्त किया । इस प्रकार मात्र रसेंद्ररी पर नियंत्रण करके इतना बडा पद धन्ना अनर्गा ने प्राप्त किया। उक्त विचार नीमचौक स्थानक पर आयोजित धर्मसभा मे जैन दिवाकरीय महासाध्वी डॉ संयमलता म सा ने व्यक्त किए ।
आपने फरमाया की हमारा अपनी रसेंद्ररी पर कितना नियंत्रण है यह हमे नाही पता । हम तो होम टू होटल और होटल टू हॉस्पिटल जा रहे है । इस जिन्हा पर बोलने में भी नियंत्रण करो और खाने में भी नियंत्रण करो । बोलने में नियंत्रण नही तो रिश्ते खराब और खाने में नियंत्रण नहीं तो स्वास्थ और भव सब् खराब । इस रसेंद्ररी पर नियंत्रण बहुत जरूरी है ।
श्रीसंघ मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने बताया की मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप नीमचौक स्थानक पर पूज्या महासती दक्षिण चंद्रिका डा संयमलता मसा के दर्शनार्थ एवं क्षमापना निमित्त पधारे। महासतीजी से सामाजिक सरोकार के मुद्दे पर चर्चा हुई । महासतिया जी ने काश्यप जी के अहिंसा ग्राम परिकल्पना की अनुमोदना करते हुए फरमाया की आप प्रदेश, धर्म समाज के लिए राजनीति के माध्यम से जो निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे है वह अत्यंत प्रसंशनीय है। इस अवसर पर मंत्री जी द्वारा दिनाँक 14 सितम्बर को पूज्य गुरुदेव कस्तूर चंद जी मसा की पुण्य स्मृति में श्री जैन दिवाकर नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित होने वाले लगातार 19वें वर्ष के रक्तदान शिविर के पोस्टर का विमोचन भी किया ।
इस अवसर पर संघरत्न इंदरमल जैन, अध्यक्ष अजय खमेसरा, महेंद्र चानोदिया, अमृत कटारिया, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष जयवंत कोठरी, विनोद बाफना, रवि बोथरा, अनिल गांधी, वीरेंद्र कटारिया, अरिहन्त बोराणा, मनीष भटेवरा, विपिन श्रीश्रीमाल, मंगल श्रीश्रीमाल, पारस मेहता, निर्मल लूणिया, मणिलाल जैन, राजकमल जैन, यश पुंगलिया आदि समाजजन उपस्थित थे।
आज प्रवचन के पश्चात भक्ताम्बर के 26 वे पद का अनुष्ठान किया गया । कल श्री पार्श्व पद्मावती के एकासन होंगे । धर्मसभा मे भावी गाँधी के 16 उपवास का और सारिका पोखरना के 15 उपवास के पचखान के बाद श्री संघ द्वारा बहुमान किया गया । अनुष्ठान एवं एकासन के लाभार्थी श्रीमती मोतनबाई रखब चन्द, रतनलाल ललित कटारिया परिवार रहे ।




