एक माह में सात रोलिंग स्टॉक का किया मेजर शेड्यूल
रतलाम, 02 सितम्बर। लोकोमोटिव केयर सेंटर रतलाम ने अगस्त 2025 माह में 7 रोलिंग स्टॉक का मेजर शेड्यूल कार्य निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
पूर्व में डीजल लोको शेड के नाम से प्रसिद्ध यह केंद्र लगभग 58 वर्ष पुराना है। वर्ष 2019 से यहां विद्युत इंजनों का माइनर एवं मेजर शेड्यूल कार्य प्रारंभ हुआ था। वर्तमान में लोकोमोटिव केयर सेंटर रतलाम के पास 153 विद्युत लोको और 54 डीज़ल लोको के साथ कुल 207 लोको की होल्डिंग है। यहॉं गुड्स एवं पैसेंजर दोनों लोको का शेड्यूल किया जाता है। इसके साथ ही अब यहां टॉवर वेगन का शेड्यूल कार्य भी किया जा रहा है।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (एलसीसी) रतलाम के कुशल मार्गदर्शन तथा अधिकारियों व कर्मचारियों की समर्पित कार्यशैली एवं टीम भावना से अगस्त माह में कुल 07 रोलिंग स्टॉक का मेजर शेड्यूल कार्य संपन्न किया गया, जिसमें 05 ए.सी. लोको (अब तक का सर्वाधिक), 01 डीज़ल लोको एवं 01 टॉवर वेगन शामिल हैं।
पिछले वर्ष 2024-25 में औसतन प्रतिमाह 3.25 लोको का मेजर शेड्यूल कार्य किया गया था तथा अधिकतम 04 ए.सी. लोको का कार्य एक माह में पूरा हुआ था। वहीं, वर्तमान वर्ष 2025-26 में यह औसत बढ़कर 3.6 लोको प्रतिमाह हो गया है और पहली बार अगस्त 2025 में 05 ए.सी. लोको के साथ ही डीज़ल लोको व टॉवर वेगन का मेजर शेड्यूल कार्य एक ही माह में सम्पन्न हुआ है, जो लोकोमोटिव केयर सेंटर रतलाम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह उपलब्धि पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के लोकोमोटिव केयर सेंटर की कार्यकुशलता, प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट टीमवर्क का जीवंत प्रमाण है, जिसने भारतीय रेल के परिचालन को और अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।



