अश्रुओं के साथ, परिवर्तन के कदम

बाल संप्रेषण गृह में मनाया गया विश्व मानवता दिवस

रतलाम 20 अगस्त । आनंद विभाग रतलाम द्वारा 19 अगस्त को विश्व मानवता दिवस बाल संप्रेषण गृह में आयोजित किया गया। जिला समन्वयक सीमा अग्निहोत्री ने बताया कि एक मानवीय समाज के रूप में हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने आस-पास के लोगों की संकट में मदद करें और उन्हें सम्मानजनक जीवन की परिस्थिति में रहने के अधिकार को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए। आनंदक विनीता ओझा द्वारा महर्षि अरविंद, महात्मा गांधी के जीवन की कहानियों के माध्यम से उनको सही राह पर चलने की प्रेरणा दी गई । सीमा अग्निहोत्री द्वारा शांत समय में माता-पिता का वर्तमान चेहरा जब वे यहां है और जब वे जिम्मेदार नागरिक बनेंगे तब का चेहरा देखने को कहा गया। उनके अश्रुओं ने बताया कि वे अपनी गलतियों का प्रायश्चित करना चाहते हैं।
मास्टर ट्रेनर पुष्पेंद्र सिंह सिसौदिया ने बालकों से उनकी मां के नाम पूछकर, मां की ममता को महसूस करने के लिए आग्रह किया। बालकों ने बताया कि बाहर जाने के पश्चात परिवार को सम्मानजनक स्थिति में लाने के लिए वे मेहनत करेंगे। बालकों ने ड्राइवर ,खेती बाड़ी , कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, फास्ट फूड की शॉप, बिजनेस ,स्वयं का रेडीमेड कपड़ों की शॉप और मिठाई की दुकान के माध्यम से अच्छा व्यक्ति बनने की इच्छा जाहिर की। जन अभियान परिषद जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने नशे के दुष्परिणाम को एक सच्ची घटना के द्वारा बताया,और नशा मुक्ति हेतु संकल्प दिलाया।बालकों की रचनात्मकता हेतु पेंट कलर ब्रश दिए गए जिससे वे परिसर के अंदर की दीवारों, गमले और गणेश जी को अपनी क्रियात्मकता से रंग सके। आनंदम सहयोगी सुरेंद्र अग्निहोत्री और संजय ओझा के सहयोग से आनंदकों ने बालकों की मां के नाम पर बाल संप्रेषण गृह के बाहरी परिसर में नगर निगम रतलाम द्वारा उपलब्ध कराए गए 11 पेड़ का पौधारोपण किया।