
रतलाम। नेत्रम संस्था के सतत प्रयासों से रतलाम में दो नेत्रदान संपन्न हुए, जो समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन गया। दिवंगत श्रीमती मनोरमा देवी शर्मा (इंद्रलोक नगर) एवं श्री चंद्रप्रकाश शर्मा (प्रताप नगर) के परिजनों ने नेत्रदान कर अपने स्वजनों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। मनोरमा देवी शर्मा के पुत्र निर्दोष कुमार एवं देवेंद्र शर्मा ने सुशील–मीनू माथुर की प्रेरणा से यह निर्णय लिया। वहीं चंद्रप्रकाश शर्मा की बेटी-दामाद कुमकुम व गोपाल शर्मा ने सुशील-मीनू माथुर एवं शिवम माथुर के मार्गदर्शन से नेत्रदान कराया।
नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि सहमति मिलते ही गीता भवन न्यास बड़नगर के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को सूचना दी गई। वे अपनी टीम मनीष तलाच व नरेंद्र राठौड़ के साथ रतलाम पहुंचे और दोनों नेत्रदान विधिवत पूर्ण किए।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं संस्था से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे जिनमें –
विकल्प, संस्कृति, नंदनी, समीक्षा, सत्यनारायण शर्मा, राजू सुरोलिया, ओमप्रकाश अग्रवाल, शीतल भंसाली, मीनू माथुर, शिवम माथुर, प्रशान्त व्यास, शलभ अग्रवाल, गिरधारीलाल वर्धानी, नवनीत मेहता, भगवान ढलवानी, विवेक कपूर, पाठक साहब, कपिल जोशी एवं रवि शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। नेत्रम संस्था द्वारा परिजनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी उदारता का सम्मान किया गया। संस्था ने पुनः संकल्प दोहराया कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज को रोशनी देने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।


