रतलाम। नीमवाला उपाश्रय (13 अगस्त) — अखिल भारतीय त्रिस्तुत्रिक जैन श्री संघ के चातुर्मास में विराजित पुण्य सम्राट आचार्य देव श्री जयंतसेन सूरीश्वर जी म.सा. की आज्ञा में साध्वी श्री शाश्वत प्रिया श्रीजी म.सा. ने अपने प्रवचन में राष्ट्रसंत शिरोमणि आचार्य देव श्री हेमेंद्र सूरीश्वर जी म.सा. को उनके 15वें पुण्योत्सव पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि गुरुदेव सरलता के प्रतीक थे और जिनशासन की महती प्रभावना कर संघ समाज को सही दिशा प्रदान की। यह संघ का सौभाग्य है कि अगस्त माह में ही 13 अगस्त को हेमेंद्र सूरीश्वर जी म.सा. और 15 अगस्त को जयंतसेन सूरीश्वर जी म.सा. का पुण्योत्सव मनाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर प्रातः 7:15 बजे त्रिस्तुत्रिक जैन श्री संघ, रत्नराज मित्र मंडल एवं जीवमेत्री परिवार, रतलाम के संयुक्त तत्वावधान में बकरा शाला त्रिवेणी में गौसेवा एवं जीवदया का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र लूणावत, रत्नराज मित्र मंडल अध्यक्ष अजय सिसोदिया, गोशाला अध्यक्ष मणिलाल कटारिया, जीवमेत्री परिवार के दीपक कटारिया, मादरेचा परिवार के राजकुमार जैन (लाला), संघ एवं मंडल के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र सेठिया, विजय तलेरा, संतोष ओहरा, धन्नालाल गुगलिया, अशोक कटारिया, पारस कोठारी, चंद्रप्रकाश लोढ़ा, पंकज राठौर, राजेश खाबिया, कमलेश भंडारी, अभिनव घोचा, चेतन गुगलिया, प्रवीण गुगलिया, सुनील जैन, सतीश चोरड़िया, मुकेश बंबोरी, विनय कोचर, सुमित कोचर, रवि गुप्ता, बाबूलाल कटारिया, धनसुख भंडारी, राकेश चोपड़ा, गौतम कटारिया, जीवमेत्री परिवार के सुमीत सुराना, शिवलाल बंबोरी, अजय सोनी, प्रणय सोनी, रितेश नागौरी, नितेश दरडा, अनूप सोनी, मनीष मालपानी, अंतिम लोढ़ा आदि समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने तीन नवकार मंत्र का स्मरण कर गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया। अंत में चंदन मादरेचा ने सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।



