


रतलाम 13 अगस्त । आज बुधवार को स्टेशन रोड स्थित चंद्र प्रभु मंदिर पर प्रातः शांति धारा, पाद प्रक्षालन व अभिषेक किया गया तत्पश्चात मुनि श्री के अवतरण दिवस के दिन पूजन पश्चात मंदिर से बैंड बाजा के साथ महाराष्ट्र धर्मशाला लाया गया। परम पूज्य गुरुदेव विशुद्ध सागर जी मसा. के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित किया गया। तथा मसा. के परिवार का बहुमन किया गया। महिला मंडल द्वारा भक्ति पूर्वक गुरु वंदना की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात युवा महिला एवं पुरुष वर्ग द्वारा श्रीफल भेंट किया गया साथ ही दशलक्षण महापर्व 2025 के पत्रक का विमोचन किया गया। जिसमें 28 अगस्त से कार्यक्रम आयोजित होकर 8 सितंबर को समापन किया जाएगा।
आज के मंगल प्रवचन में श्री श्री 108 मुनि श्री सद्भाव सागर जी मासा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाहर से जितने भी आए हैं।यह जन्म महोत्सव मनाने के लिए नहीं आए हैं यह धर्म जागरण करने के लिए आए हैं। कोई ना भी कहे तब भी वह झुक जाता है दंडवत, अपना शीश झुका लेता है यह इस बात का प्रतीक है कि हमारी संतानों ने गुरु के चरणों में झुकना सिखा है यह इस बात का प्रतीक है कि आज गुरु चरणों में झुके हैं कि कल वे ही साधु बनेंगे और दुनिया उनके चरणों में झुकेगी। इसीलिए बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए।
जब विराट सागर जी महाराज साहब छुल्लक जी को पढा रहे थे तो पंडित जी आकर के बोले कि क्या तुम छुल्लक जी के प्रति इतना टाइम कर रहे हो,हमारे साथ में तंत्र चर्चा कीजिए। तब तब गुरुवर ने कहा कि आज तुम्हें यह छोटे से छूल्लक जी दिख रहे हैं आगे जाकर के यही लाखों ज्ञानी बना देगा। वे छुल्लक जी आगे जाकर के विशुद्ध सागर जी बने। इससे यह सीख मिलती है कि जहां से भी ज्ञान मिले वहां से ज्ञान लेना चाहिए जहां से भी सीख मिले अच्छी सीख लेना चाहिए।
आपके जीवन में भी एक दिन ऐसा आ जाए कि सारी इच्छा पूरी होते हुए मोक्ष हो जाए। इसके लिए आज सभी को एक छोटा सा संकल्प लेना है एक छोटा सा नियम लेकर अवश्य यहां से जाए। णमोकार की महिमा अनंत है जब बच्चा 45 दिन का होता है तब उसको णमोकार मंत्र सुनाया जाता है और जब मृत्यु की सैया पर होता है तब भी उसे सुनाया जाता है इसमें बीजक अक्षर होते हैं जिससे घोष होता है वह बीजाक्षर है णमो है और णमों से शारीरिक,मानसिक, आत्मिक लाभ होता है और यह मन,वचन, कर्म की शुद्धि होती है। जिससे हमारा मन संसार से हटकर धर्म लाभ की ओर बढ़ता है उक्त विचार प्रवचन श्रृंखला में दिए। मांगीलाल जैन ने बताया कि आज एक शाम गुरु के नाम श्री सद्भाव सागर जी मास के अवतरण दिवस पर श्री चंद्रप्रभ दिगंबर श्रावक संघ द्वारा शाम एक शाम गुरु के नाम भक्ति का आयोजित की गई है। जिसमें मुंबई के गायक कलाकार हार्दिक चिन्ह द्वारा भजन की प्रस्तुति दी जाएगी।



