चातुर्मास में “सवा करोड़ नवकार मंत्र जाप का संकल्प

मुनि श्री सदभाव सागर जी के प्रवचनों से रतलाम में धर्ममय माहौल

रतलाम। श्रुति संवर्धन वर्षा योग 20 25,श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर स्टेशन रोड, रतलाम आचार्य 108 विशुद्ध सागर जी म. सा. के शिष्य मुनि श्री 108 सद्भाव सागर जी म.सा. एवं क्षुल्लक 105 श्री परम योग सागर जी म.सा. द्वारा व्याख्यान दिया जा रहा है इसके अंतर्गत आज हम सभी के जीवन का सौभाग्य जागृत हुआ है कि हम जिन देशना सुन रहे हैं जो पुण्य का वर्धन और पाप का मर्दन करने वाली है जो बुद्धि पूर्वक कार्य होता है वह पुरुषार्थ है और जो अब बुद्धि पूर्वक कार्य होता है बिना परिश्रम के स्वाभाविक रूप से मिल जाता है वह भाग्य है।
मंदिर में आना गुरु से ज्ञान प्राप्त करना यह आपका पुरुषार्थ है यहां से संतुष्ट होकर जाना यह सौभाग्य है हर व्यक्ति के जीवन में ऐसे कई क्षण आते हैं जिसमें उसे कठिनाइयां बढ़ाओ अड़चनों का सामना करना पड़ता है वह जीवन में अनुकूलता नहीं प्राप्त कर पाता यह कर्म का लेखा-जोखा है इसे इंद्र भी नहीं टाल सकते। बुध्दिक्रमानुसारिणी हर जीव की अपने कर्मों के अनुसार गति होती है यह निश्चित है भगवान पर आस्था पापों का प्रायश्चित और आत्मविशुद्धि से सातवें नरक गति बंध को प्राप्त जीव कर्मों का आकर्षण कर तीसरे नरक की स्थिति में आ सकता है।
सीता राजकुमारी राम दशरथ पुत्र अयोध्या की राजकुमार होने पर भी वनवास का कष्ट झेलना पड़ा।कर्म किसी को नहीं छोड़ते। कर्मों ने राम को नहीं छोड़ा।कर्मों ने श्याम को नहीं छोड़ा। कर्मों ने महावीर को नहीं छोड़ा फिर आप किस खेत की मूली हो आप तो मामूली हो,सीता को दो बार वनवास मिला जीवन में दूसरी बार राम के कहने पर सीता को जंगल में छोड़ा गया लोक अपवाद के कारण जो भाग्य में था उसे कौन टाल सकता है विलाप करती हुई सीता को सेनापति कृतांतवक्र ने समझाया कर्म फल सबको भुगतना ही होता है।
धर्म श्रवण से बुद्धि का विकास होता है धर्म उपदेश आत्मा में आह्लाद उत्पन्न करता है व्रत संयम तप की प्रेरणा मिलती है गुरु वचनों से गुरु बुद्धि विशेषता जो श्रद्धालु जैन गुरु की आज्ञा अनुसार धर्म और कर्म का आचरण करते हैं वे मनुष्य जीवन में विशेषता को प्राप्त करते हैं उनका यश चरित्र और संयम प्रतिपल वर्तमान होते हैं। उक्त बात अपनी व्याख्यान माला में कहीं।
प्रवचन मे जैन सोशल ग्रुप ग्रेटर सदस्य सामूहिक रूप से प्रतिदिन परिवार सहित रतलाम नगर मे विराजमान साधु संतों के प्रवचन एवं दर्शनार्थ हेतु शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हें उसी के अनुरूप आज सोशल ग्रुप ग्रेटर के अध्यक्ष संदीप चोरडिया सहित ग्रुप के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य गण अपने परिजनों के साथ मुनि श्री सद्भाव सागर जी महाराज के दर्शन वन्दना कर आशीर्वाद प्राप्त किया व मुनि श्री के मंगल प्रवचन का लाभ लिया।

सवा करोड नवकार महामंत्र के जाप करने का समाज जनों ने संकल्प लिया

चातुर्मास के दौरान चातुर्मास समिति एवं समाज जनों ने सवा करोड़ नवकार मंत्र का जाप करने का संकल्प लिया हें जिसे पूर्ण करने हेतु समाज जनों द्वारा प्रतिदिन श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर पर सामुहिक रूप से रात्री 8:00 से 9:00 बजे तक जाप किया जा रहा है।धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे और मुनि श्री के उद्बोधन का लाभ प्राप्त किया।उक्त जानकारी श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन श्रावक संघ रतलाम के संयोजक मांगीलाल जैन ने दी।