जीवन पर्यंत शिक्षा दान और मौत के उपरांत अंगों का दान

जीवन पर्यंत शिक्षा दान और मौत के उपरांत अंगों का दान

पेशे से शिक्षक रहे जिला सागर ग्राम देवरी के निवासी श्री हरिशंकर धिमोले जी (उम्र 54 वर्ष) के अंगदान भोपाल बंसल हॉस्पिटल में संपन्न हुए।

अंगदान से 2 लोगो को मिला जीवन दान

ब्रेन हेमरेज के उपरांत  हरिशंकर धिमोले  को सागर में भाग्योदय अस्पताल से आगामी उपचार के लिए सागर से भोपाल भेजा गया।

भोपाल बंसल अस्पताल में इलाज के दौरान उनका ब्रेन डेड हो गया,किरण फाऊंडेशन के सचिव डॉ राकेश भार्गव जी एवं उनकी टीम के समन्वय प्रयास से अंगदान की पूरी जानकारी परिजनों को दी और परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया।

हरिशंकर के बेटे , अनिल धिमोले ने बताया कि पिता  शिक्षक होने के साथ साथ समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य भी करते थे और शिक्षा को बहुत महत्व देते थे।

पिता ने अंगदान करने की इच्छा जताई थी परंतु अंगदान संबंधित जानकारी परिजनों की नही थी जो किरण फाऊंडेशन के माध्यम से अंगदान संबंधित जानकारी भी मिली।तकनीकी दृष्टि से दो गुर्दों का दान हो सका जिसमें एक गुर्दा बंसल हॉस्पिटल के पंजीकृत रोगी को और दूसरा गुर्दा इंदौर के चोइथराम हॉस्पिटल पंजीकृत रोगी को विधान अनुसार वरीयता क्रम से आवंटित हुआ ।

गरिमा में भोपाल बंसल हॉस्पिटल प्रबंधक द्वारा सम्मानपूर्वक विदाई करी। सुबह 12:30 पर प्रारंभ हुआ ग्रीन कॉरिडोर 3:15 पर चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर पहुंचा,जहां चोइथराम हॉस्पिटल के डॉ अमित जी भट्ट एवं डॉ अनिल जी लखवानी, मुस्कान ग्रुप सेवादार जीतू बगानी एवं संदीपन आर्य द्वारा सम्मानपूर्वक अगवानी की गई।
इंदौर संभाग आयुक्त श्री दीपक सिंह जी एवं अधिष्ठाता एमजीएम मेडिकल कॉलेज डॉ संजय जी दीक्षित के मार्गदर्शन में अंग एलोकेशन की टीम द्वारा समय पूर्वक कार्य किया गया।

भोपाल ट्रेफिक पुलिस के डीएसपी श्री दिशेष अग्रवाल और इंदौर ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ श्री अरविंद जी तिवारी के बेहतर टीमवर्क से कार्य समय से पूर्ण हुआ।आप सभी के सद्भाव विश्वास और सहयोग के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।