“डॉ आंबेडकर और 2024 का भारत” पर व्याख्यान आयोजित
इंदौर। डॉ भीमराव अंबेडकर सिर्फ संविधान निर्माता के रूप से ही नहीं जाने जाते हैं बल्कि उन्होंने भारतीय सामाजिक ताने-बाने में बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन किया जिस प्रकार से तत्कालीन समाज में भेदभाव और समानताएं व्याप्त थी उन्हें दूर करने में सबसे बड़ा योगदान डॉ.अंबेडकर का है वे सामाजिक समानता के अग्रदूत बनकर आए डॉ आंबेडकर का अनुयाई कोई एक वर्ग नहीं बल्कि प्रत्येक भारतवासी है, यह कहना है वरिष्ठ मध्य प्रदेश हिंदी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ विकास दवे का जो कि “डॉ अंबेडकर और 2024 का भारत” विषय पर संबोधित कर रहे थे। डॉ .भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष में कानूनी व सामाजिक संस्था न्यायाश्रय द्वारा “डॉक्टर अंबेडकर और 2024 का भारत” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। अध्यक्ष पंकज वाधवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि व्याख्यान में मुख्य वक्ता वरिष्ठ अभिभाषक मनोज द्विवेदी एवं विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण खारीवाल थे।
डॉ आंबेडकर के नाम से वर्ग विभेद किए जाने का प्रयास हो रहा है—- अधिवक्ता मनोज द्विवेदी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ विकास दवे ने डॉक्टर अंबेडकर के प्रारंभिक जीवन में उनके द्वारा झेले गए सामाजिक असमानता के अनेक संस्मरण बताएं। डॉक्टर अंबेडकर ने अपने जीवन में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए कुछ करने और समाज में समरसता लाने के लिए जो प्रयास किए वे अतुलनीय है आज समाज में जिस प्रकार की समानता दिखाई दे रही है उसमें प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से डॉक्टर अंबेडकर का बहुत बड़ा योगदान है। आज कुछ वर्ग डॉ अंबेडकर के नाम से समाज में विभेद कर रहे हैं, जो की नही होना चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष लॉ प्रोफेसर एवं एडवोकेट पंकज वाधवानी ने डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन चरित्र एवं विषय परिचय कर किया । कार्यक्रम कि मुख्य अतिथि मनोज द्विवेदी ने डॉ.अंबेडकर के जीवन में घटित अनेक किस्से का वर्णन करते हुए उन्हें भारतीय समाज की समरसता का पित्र पुरुष कहा।
डॉ अंबेडकर को युग प्रवर्तक कहना अतिशयोक्ति नहीं —प्रवीण खारीवाल
परिचर्चा के विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रवीण खरीवाल ने डॉक्टर अंबेडकर को युग दृष्टा और युग प्रवर्तक कहा जिन्होंने भविष्य अनुसार संविधान निर्माण का कार्य किया उन्होंने कहा डॉक्टर अंबेडकर को युग प्रवर्तक कहना किसी प्रकार से कोई अतिश्योक्ति नहीं है।
अतिथियों का अतिथियों का स्वागत जयंत दुबे एडवोकेट ने किया और अंत में आभार राहुलसुखानी ने माना।



