31 मार्च तक सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का भुगतान अति आवश्यक

31 मार्च तक सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का भुगतान अति आवश्यक

इंदौर। मालवा चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के सचिव श्री सुरेश हरियानी और मार्गदर्शन सलाहकार समिति के डॉ,संतोष वाधवानी मैं जानकारी देते हुए बताया किवर्तमान व्यापार जगत में अभी भी भारी संख्या में व्यापारियों एवं उद्योगपतियों में यह भ्रामक स्थिति बनी हुई है कि 43B (h) लागू हुई है अथवा नहीं। इस संदर्भ में मालवा चैंबर आफ का मर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा बैठक आयोजित कर,कर विशेषज्ञों से विस्तृत विचार विमर्श किया गया। इस संदर्भ में सभी कर विशेषज्ञों की राय यह है कि धारा 43 B (h) दिनांक 1 अप्रैल 2023 से लागू हो चुकी है जिसके अंतर्गत कोई भी क्रेता किसी भी MSME पंजीकृत सूक्ष्म अथवा लघु उद्योग से माल खरीदता है अथवा कोई भी सेवा प्राप्त कर्ता किसी भी पंजीकृत MSME सेवा प्रदाता से सेवा प्राप्त करता है तो उसका भुगतान 45 दिवस भीतर करना आवश्यक है।
अगर यह भुगतान 31 मार्च तक नहीं किया गया तो ऐसा क्रय मूल्य अथवा सेवा चार्जेस वित्तीय वर्ष 2023 =2024 की आय में खर्च के मद में नहीं मानते हुए भुगतान नहीं की गई राशि पर भी आयकर चुकाना होगा। यह भुगतान नहीं की गई अमान्य राशि आगामी वर्ष जिसमें भुगतान होगा उसे वर्ष की आय में खर्च मान्य करते हुए आयकर की गणना तो कर ली जावेगी लेकिन इस देरी से किए गए भुगतान पर लगने वाले ब्याज को आयकर रिटर्न में खर्च रूप में स्वीकार नहीं किया जावेगा।
यह धारा अथवा नियम सूक्ष्म एवं लघु उद्योगो पर ही लागू होंगे जिनका टर्न ओवर क्रमशः 5 करोड़ एवम 50 करोड़ से कम है। मध्यम उद्योग जिनका टर्न ओवर 50 करोड़ से अधिक है एवम 44AD के अंतर्गत आय कर भरने वाले क्रेताओ पर लागू नहीं होंगे।