जीवन में अंधाधुंध रफ्तार से भागने-दौड़ने से बचें,
हर क्षेत्र में ब्रेक रूपी संयम जरूरी – प्रसन्न ऋषि
ए.बी. रोड डकाच्या स्थित ऋषि तीर्थ परिसर में चल रहे पंच कल्याणक महोत्सव में आज ज्ञान कल्याणक पूजा
इंदौर । जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संयम रूपी ब्रेक का उपयोग जरूरी है। अंधाधुंध रफ्तार से भागना और दौड़ना आज के युग का स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है। हर कोई एक-दूसरे को पीछे छोड़कर किसी भी तरीके से आगे निकलना चाहता है। एक संयमित और शालीन जीवन इस पद्धति से पूरा नहीं हो सकता। प्रत्येक क्षेत्र में ज्ञान, विवेक और बुद्धि के समन्वय से ब्रेक रूपी संयम का प्रयोग ही जीवन को सार्थक एवं फलीभूत बनाता है।
ये प्रेरक विचार हैं आचार्य प्रसन्नऋषि म.सा. के जो उन्होंने शनिवार को सुबह ए.बी. रोड डकाच्या स्थित ऋषि तीर्थ परिसर में नवनिर्मित भव्य जिनालय के पंचकल्याणक महोत्सव में तप कल्याणक पूजा के दौरान व्यक्त किए। महोत्सव समिति के मीडिया प्रभारी ऋषभ पाटनी, दिलीप जैन, विमल झांझरी एवं अंकुर पाटनी ने बताया कि महोत्सव में आज आचार्य कुमुंदनंद, आचार्य विहर्ष सागर म.सा., आचार्य दयासागर म.सा. ससंघ के सानिध्य में नवीन जिनालय की तप कल्याणक पूजा के तहत राज्याभिषेक, भगवान के दीक्षा विधि संस्कार और वैराग्य अभिषेक के आयोजन संपन्न हुए। इस अवसर पर गुमाश्ता नगर के पवन सेठिया ने आचार्य प्रसन्नऋषि म.सा. को नई पिच्छिका प्रदान की। संगीतकार पंकज जैन ने जन्म कल्याणक की संगीतमय पूजा संपन्न कराई। शांति धारा का लाभ अकोला निवासी आशुतोष कनारे परिवार ने लिया। इस मौके पर अतिथियों के सम्मान, गीत-संगीत एवं धार्मिक भजनों के कार्यक्रम भी संपन्न हुए, जिनमें बड़ी संख्या में देशभर से आए समाजबंधुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
आचार्य कुशाग्रनंदी म.सा., आचार्य पुष्पदंत सागर म.सा. के आशीर्वाद से यहां चल रहे पंच कल्याणक महोत्सव में शनिवार 2 मार्च को ज्ञान कल्याणक पूजा, शांति हवन, सूर्य मंत्र प्राण प्रतिष्ठा, प्रवचन और संध्या को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।


