*सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है*
*आरजू बस यही है मेरी देश के नाम हो जन्म मेरा*
इंदौर ।छोटे-छोटे बच्चे जब वीरांगनाओं के वेश में, शहीदों के वेश में उनकी गाथा सुन रहे थे तो ऐसा लग रहा था की संपूर्ण भारतवर्ष के वीर सपूत यहां मौजूद हैं ।कोई भगत सिंह बनकर आया था तो कोई कर्नल विक्रम बत्रा बनकर आया था तो कोई सुभाष चंद्र बोस की अकड़ में चल रहा था ।रानी लक्ष्मीबाई, अब्दुल कलाम आजाद, रानी दुर्गावती, लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी ,मंगल पांडे, राम प्रसाद बिस्मिल ,तात्या टोपे, चाफेकर बंधु, खुदीराम बोस जैसे किरदारों में नजर आ रहे बरेली ग्रामीण विकास संस्था एवं महेश दृष्टिहीन संस्था के दिव्यांग बच्चे बहुत ही जोश एवं खूबसूरती से देश के वीर सपूतों का किरदार निभा रहे थे। मौका था अहिल्या उत्सव समिति द्वारा आयोजित कहानी कहो प्रतियोगिता का जिसमें कुसुम डाबर चंद्रशेखर आजाद का किरदार बड़े जोश से व्यक्त कर रही थी वहीं अंकित झांसी की रानी का, हर्षित पाराशर कश्मीर में आतंकवादियों का सफाया करने वाले विक्रम बत्रा के किरदार में नजर आई थी।
*आजादी हमारा अधिकार है*
दीपांशी खर्जे ने जब कहा आरजू बस यही है मेरी देश के नाम हो जन्म मेरा तो उपस्थित समुदाय ने तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया ।करुणा प्रजापति भगत सिंह बनकर आई थी तो शिवानी डाबर सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है का उद्घोष कर रही थी ।मनीष पांडे स्वामी रामतीर्थ का मुख्य वाक्य अपना आत्मविश्वास कभी नहीं खोना चाहिए का वर्णन कर रही थी तो रक्षा जोशी मदनलाल ढींगरा का सूत्र वाक्य तुम अंग्रेजो ने हम भारतीयों को गुलाम बना रखा है की गर्जना कर रही थी। प्रेरणा जोशी लाला लाजपत राय का सूत्र वाक्य आजादी हमारा अधिकार है अंग्रेजों की भीख मांगने की वस्तु नहीं का उद्घोष कर रही थी। ऐसे कई किरदारों के सूत्र वाक्य यहां छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा सुनाए जा रहे थे
*वीर सपूतों के सूत्र वाक्य जीवन में उतारे*
उपरोक्त जानकारी देते हुए अहिल्या उत्सव समिति के सचिव सरयू वाघमारे एवं कार्यक्रम संयोजक तृप्ति महाजन , ज्योत्सना खराटे ने बताया कि कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन एवं अहिल्या माता को पुष्प अर्पण करके अतिथि योगेश जाधव महेश जोशी निर्णायक प्रमोद दीक्षित एवं जितेंद्र जाखेटिया ने किया योगेश जी ने अपने उद्बोधन में वीरों के जीवन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए उनके सूत्र वाक्यो को जीवन में उतारने का अनुरोध किया। अतिथियों का स्वागत ज्योति तोमर विनीता धर्म निलेश केदारे सिद्धार्थ केदारे ने किया संचालन रजनी शर्मा ने किया एवं आभार साधना दड़गे ने माना।


