सर्वधर्मान्परित्यज्य मांमेकं शरणम् व्रज*

*सर्वधर्मान्परित्यज्य मांमेकं शरणम् व्रज*
*एकदंताय विद्म़हे है वक्रतुंडाय धि महि*
*संस्कृत के श्लोकों, वेद पाठ से गूंजा हंसदास म

इंदौर गीता के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण करते बच्चे गले में रुद्राक्ष की माला, सर पर तिलक, तो कोई धोती कुर्ता पहनकर कंधे पर दुपट्टा डालकर श्लोक का उच्चारण कर रहा था तो कोई स्कूल ड्रेस में अपने स्कूल के नाम को रोशन करते हुए गणपति अथर्व शीर्ष का पाठ कर रहा था और श्रोता के रूप में उपस्थित जनता से तालियों की आवाज से अपना उत्साहवर्धन होते देख संस्कृत में लयबद्ध उच्चारण करते प्रतिभागी काफी उत्साह से श्लोक बोल रहे थे मौका था देवी अहिल्या के 228 वे पुण्य स्मरण पर कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता का प्रतियोगिता हंस दास मठ में आयोजित की गई थी।

*सर्वधर्मन परित्यज्य मामेकम शरणं व्रज*

प्रतियोगियों ने गीता के कंठस्थ श्लोकों का उच्चारण किया जिसमें सर्वधर्मान्य परित्जय मांमेंकं शरणम् ब्रज ।अहम त्वां सर्वपापेभ्यों मोक्षयिष्यामिह मां शुचः। महाभारत का प्रसिद्ध श्लोक यदा यदा ही धर्मस्य का उच्चारण जब प्रतिभागी ने किया तो सभी के मन में अर्जुन को गीता का उपदेश देते भगवान कृष्ण की छवि उभर कर आई ।वहीं नैनम छिन्दती शस्त्रानी, श्रद्धा वान लभते ज्ञानम्, जैसे प्रसिद्ध श्लोकों का उच्चारण इस प्रतियोगिता में हुआ।
*अव वक्तारम अव दातारं*

चमेली देवी के राघवेंद्र ने गणपति अथर्व स्त्रोत का पाठ बड़ी सुंदर और रोचक ढंग से किया वहीं तनिष्क बंसल, कनिका पांडे सेंट अर्नोल्ड स्कूल ने भी देवी अहिल्या को नमन करते हुए गणपति अथर्व शीर्ष सुनाया। वहीं प्राची जो वैष्णो बाल मंदिर से आई थी सर पर त्रिपुंड एवं मुकुट लगाकर पीला दुपट्टा कंधे पर रखकर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ कर रही थी वही आर के डागा एकेडमी की प्रतिष्ठि मेहता स्कूल ड्रेस पहनकर गीता के श्लोक सुन रही थी। प्राची मालवीय वेदिका शर्मा कनक शर्मा आदि ने गीता श्लोक पाठ करके श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया।

उपरोक्त जानकारी देते हुए अहिल्या उत्सव समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा एवं कार्यक्रम संयोजक दीपिका नाचन एवं दिनेश शिंत्रे बताया कि अतिथि के रूप में पंडित पवन शर्मा एवं पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इस कार्यक्रम मैं स्वयं उपस्थित होकर संस्कृत की महत्ता को रेखांकित किया। इस अवसर पर निर्णायक के रूप में संस्कृत महाविद्यालय के गोपाल बैरागी एवं अभिषेक पांडे उपस्थित थे। उनका स्वागत ज्योति तोमर, सुधीर देगडे, कल्पना जोरे, सरस्वती पेंढ़ारकर ,मोनिका सबनीश, सपना वाकडे, निलेश केदारे ने किया।

अहिल्या उत्सव समिति प्रतियोगिता के प्रमुख कमलेश नाचन मीडिया समिति के राम मुंदडा, नितिन तापड़िया ने बताया कि यह प्रतियोगिता दो वर्गो में आयोजित की गई थी माध्यमिक स्तर पर कक्षा छठी से आठवीं एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी इसमें शामिल हुए प्रतियोगिता में करीब 42 विद्यालयों के 46 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया । छठी से आठवीं तक में गणेश अथर्वशीर्ष एवं नवी से 12वीं तक में गीता श्लोक पाठ प्रतियोगिता रखी गई थी।पुरस्कार माध्यमिक वर्ग मे राघवेंद्र वत्स प्रथम, तनिष्क बंसल द्वितीय वरदान पुरोहित तृतीय रहे वही उच्चतर स्तर पर अक्षय भारद्वाज प्रथम ,पार्थ सनाया वहल द्वितीय एवं विश्वजीत एवं वेदिका शर्मा तृतीय रहे ।