बोलते समय भाषा में उत्कृष्टता जरूरी

ए आई से जीवन होगा सरल

इंदौर ।उद्योगों में तकनीक का उपयोग हो, मानव जीवन को सरल बनाना हो, भविष्य में जीवन को समृद्ध बनाना हो, चाहे वह शिक्षा हो, अनुसंधान हो, उद्योगों को समाज हित में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक महत्वपूर्ण भूमिका भविष्य में निभाएगा। चाहे बड़ी से बड़ी बीमारी हो इसका इलाज अब संभव हो सकेगा अंतरिक्ष में चंद्रयान-3 मे भी इसका खूबसूरती से उपयोग किया गया उपरोक्त विचार आज अहिल्या उत्सव समिति द्वारा देवी अहिल्या के 228 वे पुण्य स्मरण श्रृंखला के दौरान आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता जिसका विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव विकास के लिए वरदान है” था के पक्ष में बोलते हुए एक प्रतिभागी ने व्यक्त किया।
*बदलाव से डरेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे*

पक्ष में बोलते हुए वेद गोयल ने कहा कि किसी भी तकनीक का सही दिशा में उपयोग करने से लाभ होता है बदलाव से यदि हम डरेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे। वहीं देवी अहिल्या स्कूल के वैभव शर्मा ने कहा समय के साथ मे चलने वाला ही आगे बढ़ पाया है। आज तक जितने भी आविष्कार एवं विकास हुए हैं उसमें नुकसान के बजाय इंसान को फायदा ज्यादा हुआ है ।आज टाटा मेमोरियल अस्पताल कैंसर से लड़ने के लिए एआई का उपयोग कर रहा है। आज देश भर में कई स्टार्टअप एआई का उपयोग करके आगे बढ़ रहे हैं।
*मानव संवेदनाओं को कोई स्थान नहीं*
वहीं विपक्ष में बोलते हुए प्रतिभागी कहा की विकृति तकनीक को अभिशाप बना देती है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इसकी संभावना अधिकतम है यह मनुष्य की बुद्धिमत्ता को कुंद करके उसकी रचनात्मकता को खत्म कर देगी। पूरे विश्व की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में 50% नौकरियों पर इसी का कब्जा होगा। सीएम राइस स्कूल की रियांशी पटेल का कहना था कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें आलसी बना देगा और हमारी जगह रोबोट ही प्रतियोगिता में भाग लेंगे। हर्षिता ने विपक्ष में बोलते हुए कहा की यह एक महंगी व्यवस्था है भविष्य में बेरोजगारी को बढ़ाएगी इसमें मानव संवेदनाओं का कोई स्थान नहीं है। वही सराफा स्कूल के प्रतिभागी ने कहा मनुष्य की बुद्धि को विकसित बनाने का काम ए आई कर देगा। इसके उपयोग से हम गुलाम बन जाएंगे यदि यह मनुष्य की तरह विकसित हो जाएगा। देवी अहिल्या स्कूल की आकांक्षा ने कहा कि पूर्ण विकसित मानव मनुष्य रूपी ए आईके समक्ष मानव हार जाएगा वह गुलाम बन जाएगा और मानव जाति का अंत भी संभव है

अहिल्या उत्सव समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा एवं सचिव सरयू वाघमारे ने बताया कि आज इल्वा स्कूल परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में 30 स्कूलों ने भाग लिया अतिथि के रूप में शासकीय महाधिवक्ता अभिजीत सिंह राठौड़ एवं संजय जोशी शामिल हुए ईल्वा ट्रस्ट के प्रमुख शिव शंकर गर्ग भी इसमें शामिल हुए अभिजीत सिंह राठौड़ ने कहा कि वक्ता को अच्छे शब्दों के साथ अपनी बात रखना चाहिए भाषा में उत्कृष्टता जरूरी है । अतिथियों का स्वागत ज्योति तोमर, माला सिंह ठाकुर, विनीता धर्म ,सौरभ खंडेलवाल, मोनिका सबनीश, प्रतीक मित्तल, वीणा वर्मा, उषा दवे ने किया।

प्रचार प्रमुख सुधीर देड़गे, प्रतियोगिता संयोजक पंकज उपाध्याय, ग्रीष्मा त्रिवेदी ने बताया कि इस प्रतियोगिता मैं आए हुए 30 स्कूल के प्रतिभागियों को तीन भागों में बांटा गया उसमें से तीन-तीन प्रतिभागियों को चुनकर फाइनल के लिए चुना गया इस इस हेतु निर्णायक के रूप में हर्षिता दवे, मौसम राजपूत, आदित्य सेंगर, विकास मिश्रा, सत्यम सम्राट, सार्थक जैन उपस्थित थे वही फाइनल के निर्णायक के रूप में दो अर्पण जैन एवं सुधीर वाघेला थे एवं विजेता पक्ष में प्रणया ताम्रकार प्रथम, अयान नागोरी द्वितीय, मानव बदलानी तृतीय वहीं विपक्ष में विशेष मालवीय प्रथम ,श्रेष्ठा शर्मा द्वितीय ,हेतल जैन तृतीय रहे।