भव्य फूल बंगले विराजित अलीजा सरकार के दर्शनों के लिए उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
हनुमान की चौपाईयों और सुंदर कांड से गूंजा पंचकुईया क्षेत्र, दिन भर चला दर्शन-पूजन का दौर, वीर अलीजा सरकार का स्वर्ण आभूषण एवं 15 ग्राम सोने के बरक से हुआ श्रंृगार
इन्दौर । पंचकुईया रोड़ स्थित 700 साल पुराने वीर अलीजा सरकार हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया गया। वीर अलीजा हनुमान के इस श्रृंगारित रूप को देखने के लिए हजारों भक्तों की भीड़ अलसुबह से ही वीर बगीची में लगी रही। वहीं शाम को हुई कांकड़ आरती में हजारों भक्तों ने शामिल होकर आरती के साथ-साथ प्रसादी भी ग्रहण की। वहीं सुबह से शाम तक फूल बंगले में विराजमान वीर अलीजा सरकार के दर्शनों के लिए उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, भव्य भजन संध्या में भजनों पर थिरकते नजर आए भक्तगण।
वीर अलीजा सरकार हनुमान मंदिर के श्रीश्री 1008 ब्रह्मलीन श्री बाल ब्रह्मचारी प्रभुवानन्दजी सद्गुरू महाराज के शिष्य बाल ब्रह्मचारी पवनान्दजी महाराज ने बताया कि पंचुकईयां स्थित वीर बगीची में अलीजा सरकार की 700 साल पुरानी खजूर के पेड़ से निकली प्रतिमा हैं। जिसके दर्शनों के लिए शहरों के भक्तों के साथ-साथ मालवा और निमाड़ के भक्त भी हनुमान जन्मोत्सव पर बड़ी संख्या में शामिल होकर दर्शनों का लाभ लेते हैं। वहीं हनुमान जयंती पर वीर अलीजा सरकार का स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया गया था। जो पूरे पंचकुईयां क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र रहा। वीर अलीजा सरकार को 17 ग्राम स्वर्ण की बरक से भी सजाया गया था। जन्मोत्सव के तहत वीर बगीची में शाम 5 बजे हुई कांकड़ आरती में भी हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरूष, बच्चे एवं युवाओं ने शामिल होकर वीर अलीजा की महाआरती में भाग लिया। शाम को मंदिर परिसर में भक्त मंडल ने सुंदरकांड का पाठ व हनुमान की चौपाईयों से पूरा परिसर गूंजायमान कर दिया। भजन गायकों ने अपने भजनों की प्रस्तुति से मध्यरात्रि तक भक्तों को थिरकाए रखा।
फूला बंगला रहा आकर्षण का केंद्र – श्रीश्री 1008 श्री बाल ब्रह्मचारी प्रभुवानन्दजी सद्गुरू महाराज के शिष्य बाल ब्रह्मचारी पवनान्दजी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वीर बगीची में हनुमान जन्मोत्सव के तहत फूल बंगला सजाया था। 25 से अधिक कलाकारों द्वारा भव्य पुष्प बंगले को आकार दिया गया था।
संलग्न चित्र- वीर बगीची में फूल बंगले में दर्शन देते अलीजा सरकार।


