हंसदास मठ स्थित चिंताहरण हनुमान की महाआरती में उमड़ा जन सैलाब

इंदौर,। बड़ा गणपति पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर श्री पंचमुखी चिंताहरण हनुमानजी का प्राकट्य महोत्सव गुरुवार सुबह महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया। सुबह 1008 दीपों से जन्म आरती में भक्तों का मेला जुटा रहा।

मठ के पं. पवनदास महाराज ने बताया कि मठ स्थित संस्कृत पाठशाला के वेदपाठी बटुकों ने आचार्यों के साथ हनुमानजी का पूजन एवं पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद महाआरती हुईजिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। बुधवार से प्रारंभ हुए अखंड रामायण पाठ का समापन गुरुवार सायं 5 बजे हुआ। शाम 7 बजे  भोग श्रृंगार दर्शन आरती हुई। संध्या को महाप्रसादी के आयोजन में दो हजार से अधिक भक्तों ने पुण्य लाभ उठाया।  जन्मोत्सव के प्रसंग पर बुधवार शाम ध्वजा पूजन एवं मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण भी किया गया। गुरुवार को हनुमानजी को लंका विजय के लिए समुद्र पर रामसेतु बांधते हनुमानजी की झांकी भी सजाई गई । इस मौके पर भक्तों को अभिमंत्रित चिंताहरण कवच का वितरण भी किया गया। इस कवच को घर पर हनुमानजी की तस्वीर के समक्ष लाल फूल अर्पित कर गुगल की धूप देकर धारण करने से सभी तरह की चिंताओं का हरण होता है।

उल्लेखनीय है कि हंसदास मठ स्थित चिंताहरण हनुमानजी की यह प्रतिमा शालीग्राम शिला पर निर्मित है और यहां प्रत्येक मंगलवार को अखंड रामायण पाठ का सिलसिला कई वर्षों से चला आ रहा है। यहां स्थित हनुमानजी के पांच मुंह हैंजिनमें चार सीधे एवं एक मुंह ऊपर है। हनुमानजी के चरणों में शनिदेव भी विराजित है।