जिन्हें अपने परिवार में बहू की नहीं, बेटी की जरूरत हो, कृपया वे ही मुझसे सम्पर्क करें’

श्री सनाढ्य सभा के दसवें परिचय सम्मेलन में 800 प्रत्याशी पहुंचे मंच पर – 155 रिश्तों पर लगी मुहर

 इंदौर, ।  जिस किसी को अपने परिवार में बहू की नहीं, बेटी की जरूरत हो, वे ही मुझसे सम्पर्क करे… मुझे अपनी दो बेटियों  और एक भतीजी के लिए उपयुक्त जीवन साथियों की तलाश  है…  मेरी बहन ने मास्टर ऑफ सोशल वर्क किया है,  उसके लिए मुझे समकक्ष दामाद की जरूरत है… मुझे अपने परिवार में बहू की नहीं बेटी की जरूरत है…

श्री सनाढ्य सभा एवं सनाढ्य ब्राह्मण सभा के दसवें परिचय सम्मेलन में आज राजीव गांधी चौराहा स्थित शुभकारज गार्डन पर मंच से कुछ पालकों ने इन्हीं शब्दों के साथ अपनी बेटियों या बहन के लिए जीवन साथी की तलाश में अपनी बात प्रस्तुत करते हुए उनका परिचय दिया। जो युवक-युवती प्रत्याशी मंच पर आने में संकोच कर रहे थे या किसी कारणवश शहर से बाहर थे, उनके लिए उनके अभिभावकों ने मंच पर आकर उनके परिचय प्रस्तुत किए। इस एक दिवसीय परिचय सम्मेलन का शुभारंभ हंसदास मठ के महामंडलेश्वर  स्वामी रामचरण दास महाराज, पूर्व विधायक हरिचरण तिवारी, पं. पवनदास शर्मा एवं समाज के वरिष्ठजनों ने भगवान परशुराम के जयघोष के बीच दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत सभा के अध्यक्ष पं. देवेन्द्र शर्मा, महासचिव पं. संजय जारोलिया, पं. अनिल शर्मा,  पं. भगवती शर्मा, पं. संजय बिरथरे, पं. संजय उपाध्याय, देवेन्द्र शर्मा ग्रेटर वैशाली एवं सत्यनारायण दंडोतिया आदि ने किया। मातृ शक्ति की ओर से वंदना शर्मा, सुधा शर्मा, विनिता पाराशर ने अगवानी की। गणेश वंदना की नृत्यु प्रस्तुति के साथ शुरू हुए इस परिचय सम्मेलन का संचालन नीति दुबोलिया एवं वर्षा पाराशर ने किया। नगर निगम जलकार्य समिति के अध्यक्ष अभिषेक बबलू शर्मा, पूर्व डीएसपी सुनील बिरथरे पं. प्रकाश पचोरी सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन उपस्थित थे। अतिथियों  ने बहुरंगी परिचय पुस्तिका सनाढ्य संसार का लोकार्पण भी किया।

जो प्रत्याशी मंच पर आने में संकोच कर रहे थे या किसी कारण से शहर से बाहर थे, उनकी ओर से उनके पालकों ने मंच पर पहुंचकर अपनी बात रखी। उज्जैन से आए एक पालक ने कहा कि जिन्हें अपने घर में बहू की नहीं बेटी की जरूरत है, कृपया वे ही मुझसे संपर्क करें। इस तरह मानपुर से आए एक पालक ने अपनी दो बेटियों और एक भतीजी के लिए कुछ इसी अंदाज में अपनी बात रखी। मंच से परिचय देने वालों में युवती प्रत्याशियों में अधिकांश उच्च शिक्षित थीं, जबकि युवक प्रत्याशियों में एमबीए, एमसीए और स्नातकोत्तर उपाधियां प्राप्त प्रत्याशी शामिल थे। दिनभर चले परिचय सत्र में करीब 800 प्रत्याशियों ने देर शाम तक मंच पर पहुंचकर अपने परिचय दिए। शाम को मिली सूचनाओं के अनुसार करीब 155 रिश्तों पर चर्चाओं का दौर शुरु होकर उन पर दोनों पक्षों की सहमति की मुहर लग चुकी थी। इतने ही रिश्तों पर अभी मंत्रणाओं का दौर जारी है।

उज्जैन से आए एक पालक ने कहा कि जिन्हें अपने घर में बहू की नहीं बेटी की जरूरत है, कृपया वे ही मुझसे संपर्क करें। इस तरह मानपुर से आए एक पालक ने अपनी दो बेटियों और एक भतीजी के लिए कुछ इसी अंदाज में अपनी बात रखी। मंच से परिचय देने वालों में युवती प्रत्याशियों में अधिकांश उच्च शिक्षित थीं, जबकि युवक प्रत्याशियों में एमबीए, एमसीए और स्नातकोत्तर उपाधियां प्राप्त प्रत्याशी शामिल थे। दिनभर चले परिचय सत्र में करीब 800 प्रत्याशियों ने देर शाम तक मंच पर पहुंचकर अपने परिचय दिए। शाम को मिली सूचनाओं के अनुसार करीब 155 रिश्तों पर चर्चाओं का दौर शुरु होकर उन पर दोनों पक्षों की सहमति की मुहर लग चुकी थी। इतने ही रिश्तों पर अभी मंत्रणाओं का दौर जारी है।

उल्लेखनीय है कि श्री सनाढ्य सभा ने इसी वर्ष 22 फरवरी को अपना शताब्दी वर्ष मनाया है और वर्तमान में सभा के 101वें वर्ष में इस बार राज्य के इंदौर सहित 16 जिलों में एक साथ, एक ही समाय पर, एक ही परिचय पुस्तिका के आधार पर परिचय सम्मेलनों का आयोजन कर एक अभिनव प्रयोग किया है। इंदौर सम्मेलन में आए सभी अतिथियों ने इस प्रयोग के लिए सभा के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए इसे एक क्रांतिकारी कदम बताया। अंत में महासचिव संजय जारोलिया ने आभार माना।