उधार लिए रूपए नहीं लौटाए,कोर्ट ने 1 वर्ष का सश्रम कारावास से किया दंडित

4 माह में रूपए लौटाने के निर्देश

रतलाम। घरेलु एवं पारिवारिक कार्य हेतु रूपयों की आवश्यकता बताकर 5 लाख रूपए लेकर नहीं लौटाने के एक मामले में कोर्ट ने सश्रम कारावास से दंडित किया गया हैं।
मोहम्मद रफीक पिता मोहम्मद अजीज निवासी शिवनगर रतलाम ने घरेलू एवं पारिवारिक कार्यों हेतु रूपयों की आवश्यकता होने से बसंतीलाल पिता संतोषजी पंवार निवासी रतलाम को पांच लाख रूपये नगद उधार शीघ्र लौटाने के आश्वासन पर दिए। बसंतीलाल ने पांच लाख रूपए का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का हस्ताक्षरित चैक दिनांक 26.03.2019 स्वयं के खाते का दिया था। साथ ही यह भरोसा दिया था कि उक्त चैक नियत दिनांक को बैंक में प्रस्तुत करने पर राशि का भुगतान हो जायेगा। चैक बैंक में आहरण हेतु प्रस्तुत किया था, जो बैंक द्वारा ‘अपर्याप्त निधिÓ की टीप के साथ बिना भुगतान के अनादरित होने से लौटा दिया गया। इस पर फरियादी मोहम्मद ने एडवाकेट चन्द्रप्रकाश मालवीया को पूरी जानकारी दी। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रतलाम में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्वेता शर्मा ने करते हुए आरोप सिद्ध होने पर परिवादी को हुए नुकसान की युक्तियुक्त पूर्ति हेतु प्रतिकर अधिरोपित करते हुए व 1 वर्ष का सश्रम कारावास से दंडित किया। उन्होंने चैक जारी दिनांक 26.03.2019 से पांच लाख रूपये चैक राशि तथा 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से 3 लाख 7 हजार 500 रूपये कुल राशि 8 लाख 7 हजार 500 रूपये प्रतिकर स्वरूप अधिरोपित करने का निर्णय पारित किया। अभियुक्त 8 लाख 7 हजार 500 रूपये प्रतिकर परिवादी को प्रदान करने हेतु न्यायालय में जमा कराने के निर्देश दिए।