मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सुपोषण आवश्यक है- डॉ दीपाली फरगाड़े

मिशन न्यूट्रिशन का उन्मुखीकरण एम सी एच में आयोजित किया गया

रतलाम । मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत व्हील्स ग्लोबल फाऊंडेशन के प्रशिक्षकों द्वारा रतलाम जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के सी एच ओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता आदि को एम सी एच अस्पताल में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक डॉ दीपाली फरगडे ने कहा कि क्षेत्र में माता और शिशुओं का जीवन बचाने का पवित्र कार्य स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों के द्वारा किया जाता है, इसके लिए पोषण की सही तकनीक और कौशल का ज्ञान होने से माता और शिशुओं की जान बचाई जा सकती है, व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा तैयार किए गए जिला प्रशिक्षक अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम 20 नवजात शिशु और गर्भवती माताओ की स्वास्थ्य देखभाल का जिम्मा ले, माताओ को उच्च गुणवत्ता युक्त प्रोटीन संबंधी आहार लेने का वैज्ञानिक परामर्श प्रदान करें, इसके लिए वेजीटेरियन लोगों के लिए दही दूध, घी, सोयाबीन, मूंगफली आदि पदार्थ का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित करें , नॉन वेजिटेरियन लोगों के लिए अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकता है, प्रत्येक स्थिति में नवजात शिशुओं के वजन की प्रतिदिन वृद्धि निगरानी की जाए एवं उनका वजन प्रोटीन आधारित डाइट के आधार पर बढ़ाया जाए , जिसमें वसा एवं कार्बोहाइड्रेट संबंधी पदार्थ का कम से कम उपयोग हो। खाद्य पदार्थ जैसे तेल, वनस्पति घी, बिस्कुट, पिज़्ज़ा, बर्गर, जंक फूड, कुरकुरे, चिप्स , चॉकलेट नूडल्स, मोमोज आदि का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि भोजन में उच्च कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थ जैसे पोहा, चावल, आलू, आदि का उपयोग कम से कम करें। गेहूं के आटे का नियमित उपयोग करने की बजाय मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी के आटा का अधिक उपयोग करना चाहिए। अपने खाद्य पदार्थों में ऐसे खाद्य पदार्थ का उपयोग करना चाहिए जिम शर्करा की मात्रा कम से कम हो तथा प्रोटीन की मात्रा अधिक से अधिक हो, इस प्रकार अपनी-अपने खान-पान और आहार व्यवहार में परिवर्तन लाकर डायबिटीज जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रतलाम जिले में महिला और बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर श्रीमती एहतेशाम अंसारी, ए एन एम श्रीमती ज्योति पांचाल, ए एन एम श्रीमती किरण गहलोत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर श्रीमती उषा लिंबोदिया, पोषण प्रशिक्षक श्रीमती मनीषा मकोड़े, आशा कार्यकर्ता श्रीमती कृष्णा पवार को मिशन न्यूट्रिशन अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन के श्रीमती शीतल हीवाले, श्री तरुण कुमार शर्मा, श्री विनायक पांचाल, डीपीएम डॉ प्रमोद प्रजापति, सी पी एच सी कंसलटेंट लोकेश वैष्णव, श्रीमती सरला वर्मा, मालती विजुअल आदि उपस्थित रहे।