दो नेत्रदान से चार नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी – नेत्रम संस्था का प्रेरक प्रयास

रतलाम 9 सितम्बर। नेत्रम संस्था के सतत प्रयासों से रतलाम जिले में दो परिवारों ने अपने दिवंगत परिजनों का नेत्रदान कर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन नेत्रदानों से चार नेत्रहीन व्यक्तियों को नई दृष्टि प्राप्त होगी।
पहला नेत्रदान ईदगाह रोड निवासी स्व. बापूलाल पटवा के सुपुत्र स्व. महेन्द्र पटवा के निधन उपरांत उनके भाई संदीप पटवा एवं परिजनों द्वारा किया गया। इस प्रेरक निर्णय में समाजसेवी चंद्रप्रकाश पटवा, विजय पटवा, प्रकाश लोढ़ा एवं पार्षद धर्मेन्द्र राका का विशेष योगदान रहा।
दूसरा नेत्रदान सदर बाजार नामली निवासी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शुश्रावक स्व. शेतानमल चौधरी के निधन उपरांत उनके पुत्र तेजकरण, दिलीप एवं अभय चौधरी द्वारा किया गया। इस निर्णय में समाजसेवी अजय भंडारी (रतलाम) ने महत्वपूर्ण प्रेरणा प्रदान की।
नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही गीता भवन न्यास, बड़नगर के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल अपनी टीम के मनीष तलाच एवं नरेन्द्र राठौड़ के साथ रतलाम पहुंचे और नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया विधिवत सम्पन्न की।
इस अवसर पर रतलाम में आयोजित नेत्रदान प्रक्रिया के दौरान हेमंत मूणत, नवनीत मेहता, शीतल भंसाली, सुशील मीनू माथुर, भगवान ढलवानी, गिरधारीलाल वर्धानी, गोपाल राठौड़ पतरा वाला, ओमप्रकाश अग्रवाल, प्रशान्त व्यास, शलभ अग्रवाल, यशवंत पावेचा, सुरेश पाटीदार आदि उपस्थित रहे। वहीं नामली में आयोजित नेत्रदान अवसर पर नीलेश तलेरा, आशीष बोड़ाना, श्रेयांस जैन, संतोष चत्तर, पंकज बोहरा, तेजकरण जैन आदि मौजूद रहे।
नेत्रम संस्था द्वारा दोनों परिवारों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था ने आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लें, ताकि किसी की मृत्यु किसी और की दृष्टि बनने का कारण बन सके।